अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर संयुक्त संघर्ष मंच ने देहरादून स्थित CBI कार्यालय में तालाबंदी का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी जांच में पारदर्शिता, कथित वीआईपी एंगल और सबूतों से जुड़े कई सवालों के जवाब मांग रहे हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: CBI Office Protest Held Over Ankita Bhandari Case
देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने गुरुवार को देहरादून के इंदिरा नगर स्थित CBI कार्यालय में शांतिपूर्ण तालाबंदी कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया है। मंच का कहना है कि मामले में अब भी कई ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जनता को नहीं मिला है।
CBI Office Protest Held Over Ankita Bhandari Case
तालाबंदी कार्यक्रम से पहले संयुक्त संघर्ष मंच की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न जन संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल हुए। बैठक में शामिल कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि मामले को कई महीने बीत जाने के बावजूद जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं।
जांच को लेकर उठाए गए ये प्रमुख सवाल
संयुक्त संघर्ष मंच और बैठक में शामिल नेताओं ने जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए। उनका कहना है कि कथित वीआईपी का जिक्र सार्वजनिक चर्चाओं में आता रहा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उससे पूछताछ हुई या नहीं। रिजॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने और कथित सबूत नष्ट होने के मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। पहले CBI अधिकारियों ने जांच की प्रगति से अवगत कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई।
शांतिपूर्ण तरीके से रखेंगे अपनी मांगें
संयुक्त संघर्ष मंच से जुड़ी कमला पंत ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य जांच एजेंसी से जवाब मांगना और मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से लोग देहरादून पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखेंगे।
आंदोलन में उठाए जाएंगे ये अन्य मुद्दे
अंकिता भंडारी के माता-पिता से अब तक पूछताछ क्यों नहीं की गई?
कुछ अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ क्यों नहीं हुई?
कथित तौर पर सबूत मिटाने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
संयुक्त संघर्ष मंच के अनुसार, यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर स्पष्ट स्थिति सामने आए और यदि आवश्यक हो तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए।