बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी? मंदिर समिति के कर्मचारी पर आरोप.. BKTC की "आंतरिक" समिति करेगी जांच

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितता के आरोपों के बाद बीकेटीसी ने जांच के आदेश दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल दावों और शिकायत के बाद समिति सभी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान की जांच करेगी।
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Badrinath Temple Donation Scam: Probe Ordered Over Alleged Offering Theft at Badrinath Dham
Image: Probe Ordered Over Alleged Offering Theft at Badrinath Dham

चमोली: उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की गणना को लेकर लगाए गए कथित आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों और शिकायत मिलने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Probe Ordered Over Alleged Offering Theft at Badrinath Dham

जानकारी के अनुसार, मामले की शुरुआत हिंदूवादी संगठन भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री द्वारा बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ को भेजे गए शिकायत पत्र से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चढ़ावे की गणना के दौरान कथित रूप से अनियमितता हुई है। साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई। हालांकि, ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने दिए जांच के आदेश

शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल दावों का संज्ञान लेते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आंतरिक जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित कर्मचारियों के बयान का परीक्षण किया जाएगा। यदि जांच में किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

'निजी सचिव' को लेकर दी सफाई

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें एक कर्मचारी को उनका "निजी सचिव" बताया गया था। आगे पढ़िए..

उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है, जो वर्षों से वैयक्तिक सहायक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

कैसे होती है चढ़ावे की गणना?

मंदिर समिति के अनुसार बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाती है। इस प्रक्रिया में बैंक कर्मचारी, मंदिर समिति के अधिकारी, प्रोटोकॉल अधिकारी तथा अन्य अधिकृत सदस्य मौजूद रहते हैं। दान की थैलियां नियमानुसार खोली जाती हैं और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती है।

सीसीटीवी फुटेज को लेकर अलग-अलग दावे

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कथित घटना 2 जुलाई की सुबह चढ़ावे की गणना के दौरान सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। वहीं, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट दृश्य सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता संदीप खत्री ने भी कहा है कि उनके पास कथित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है और उन्होंने मंदिर से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर शिकायत दर्ज कराई है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

बीकेटीसी का कहना है कि जांच समिति सभी उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयान का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।