हरिद्वार: बिना जेब का कुर्ता पहनेंगे पुजारी, मां मनसा देवी मंदिर चढ़ावे की निगरानी करेगी 7 सदस्यीय समिति

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करना तथा मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। मंदिर प्रशासन चाहता है कि श्रद्धालुओं को यह भरोसा रहे कि उनका चढ़ावा नियमानुसार और सही तरीके से उपयोग किया जा रहा है।
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Mansa Devi Temple Haridwar: Mansa Devi Temple Haridwar Introduces Pocketless Uniform for Priests
Image: Mansa Devi Temple Haridwar Introduces Pocketless Uniform for Priests

हरिद्वार: उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर में ड्यूटी करने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले विशेष कुर्ते पहनेंगे, ताकि चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही मंदिर की व्यवस्थाओं और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

Mansa Devi Temple Haridwar Introduces Pocketless Uniform for Priests

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी ने बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत करना तथा मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन चाहता है कि श्रद्धालुओं को यह भरोसा रहे कि उनका चढ़ावा नियमानुसार और सही तरीके से उपयोग किया जा रहा है।

बिना जेब वाली होगी पुजारियों की यूनिफॉर्म

नई व्यवस्था के तहत सभी पुजारियों के लिए विशेष बिना जेब वाले कुर्ते तैयार कराए जाएंगे। ड्यूटी के दौरान सभी पुजारियों को यही निर्धारित वेशभूषा पहननी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चढ़ावे की राशि या अन्य सामग्री को व्यक्तिगत रूप से रखने की कोई संभावना न रहे।

सात सदस्यीय समिति रखेगी हर गतिविधि पर नजर

मंदिर ट्रस्ट ने सात सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो— चढ़ावे की व्यवस्था, मंदिर की साफ-सफाई, पुजारियों की ड्यूटी, श्रद्धालुओं की सुविधा, और समग्र प्रशासनिक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करेगी। ट्रस्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।

प्रसाद व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव

ट्रस्ट ने प्रसाद वितरण को लेकर भी नया नियम लागू किया है। अब मंदिर में एक बार चढ़ाया गया नारियल, फूल या अन्य प्रसाद दोबारा किसी अन्य श्रद्धालु को नहीं चढ़ाया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य श्रद्धालुओं के बीच पूर्ण पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना है।

श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ाने की पहल

धार्मिक स्थलों पर पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन को लेकर समय-समय पर विभिन्न कदम उठाए जाते रहे हैं। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा तथा मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनेगी।