केदारनाथ: 24 वर्षीय युवक की गौरीकुंड में संदिग्ध मौत, परिजनों का पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम

केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड में 24 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
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Kedarnath Mystery Death: Kedarnath Youth Death Case  Family Demands Fair Probe
Image: Kedarnath Youth Death Case Family Demands Fair Probe

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड में 24 वर्षीय अरुण नेगी की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।

Kedarnath Youth Death Case: Family Demands Fair Probe

परिजनों के अनुसार, 17 जून की सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि अरुण नेगी का शव गौरीकुंड के निकट मुनकटिया क्षेत्र में एक चट्टान के नीचे मिला है। मृतक के पिता का आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य दुर्घटना जैसी नहीं लग रही थीं और मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। परिजनों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने सोनप्रयाग थाने में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक जांच की दिशा और प्रगति को लेकर उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मांग की है कि घटना से पहले मृतक के संपर्क में रहे सभी लोगों से पूछताछ की जाए तथा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए। आगे पढ़िए..

साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान किसी भी पहलू की अनदेखी नहीं की जाएगी और सभी तथ्यों की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केदारनाथ यात्रा मार्ग पर कथित रूप से अवैध शराब की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यात्रा मार्ग पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है, तो फिर शराब वहां तक कैसे पहुंच रही है। इस पूरे नेटवर्क की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

दूसरी ओर SDRF ने बचाई यात्री की जान

इसी बीच केदारनाथ धाम के उच्च हिमालयी क्षेत्र से राहत की खबर भी सामने आई है। घने कोहरे और बेहद कम दृश्यता के बीच राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम ने रास्ता भटके एक यात्री का सफल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद टीम ने समय रहते यात्री तक पहुंचकर उसकी जान बचाई।