उत्तराखंड में हाल के वर्षों में रिजॉर्ट, होमस्टे और होटलों में कथित अवैध गतिविधियों के मामलों के बाद पुलिस और प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जानिए क्या हैं चुनौतियां और क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
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Image: Illegal Activities Under Scanner in Uttarakhand Tourism
देहरादून: उत्तराखंड में हाल के वर्षों में कुछ रिजॉर्ट और होमस्टे से जुड़े कथित अवैध गतिविधियों के मामलों ने कानून-व्यवस्था और पर्यटन व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है, जबकि प्रशासन निगरानी और नियमों के पालन को और सख्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
Illegal Activities Under Scanner in Uttarakhand Tourism
उत्तराखंड अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, हेमकुंड साहिब, मसूरी और नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थल हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करते हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में कुछ होटलों, रिजॉर्ट और होमस्टे से जुड़े कथित अवैध गतिविधियों के मामलों ने राज्य की छवि और पर्यटन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रामनगर रिजॉर्ट मामला बना चर्चा का विषय
हाल ही में नैनीताल जिले के रामनगर स्थित एक लग्जरी रिजॉर्ट में पुलिस कार्रवाई के बाद कथित अवैध गतिविधियों का मामला सामने आया। पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की और रिजॉर्ट को सील कर दिया। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। डिजिटल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पर्यटन के साथ बढ़ी निगरानी की जरूरत
उत्तराखंड में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ होटल, होमस्टे और रिजॉर्ट की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। अधिकांश पर्यटन प्रतिष्ठान नियमों के अनुसार संचालित हो रहे हैं, लेकिन कुछ मामलों में विजिटर रजिस्टर, पहचान सत्यापन और अन्य आवश्यक नियमों के पालन में लापरवाही सामने आई है। इसी वजह से प्रशासन अब नियमित निरीक्षण और रैंडम चेकिंग पर अधिक जोर दे रहा है। आगे पढ़िए..
100 से अधिक होमस्टे और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
देहरादून प्रशासन के अनुसार हाल के समय में नियमों के उल्लंघन के मामलों में 100 से अधिक होमस्टे और अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति या मानकों के विपरीत संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले
बीते वर्षों में देहरादून, ऋषिकेश, लक्ष्मण झूला और अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस द्वारा विभिन्न मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। कुछ मामलों में कथित अवैध पार्टियों, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के आरोपों की जांच की गई। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है और जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आते हैं।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन नेटवर्क भी चुनौती
जांच एजेंसियों के अनुसार कई आयोजनों की जानकारी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और निजी ऑनलाइन ग्रुपों के माध्यम से साझा की जाती है। कई बार कार्यक्रम का स्थान अंतिम समय में बताया जाता है, जिससे सामान्य निगरानी के दौरान ऐसे आयोजन पकड़ना कठिन हो जाता है। इसी कारण साइबर निगरानी और डिजिटल जांच को भी मजबूत किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की रणनीति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार होटल, रिजॉर्ट और होमस्टे संचालकों को लगातार नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। नियमित निरीक्षण, पहचान सत्यापन, रिकॉर्ड जांच और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटन उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और अधिकांश व्यवसाय पूरी तरह वैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। इसलिए कार्रवाई केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ की जा रही है।