टिहरी गढ़वाल जिला पंचायत सदन की बैठक में विकास योजनाओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने जिला योजना में उनके प्रस्ताव शामिल न करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार किया और सदन के बाहर धरना देकर नारेबाजी की।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Tehri District Panchayat Meeting Ends in Protest
टिहरी गढ़वाल: जिला पंचायत सदन की बैठक में शनिवार को विकास योजनाओं को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। कई जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्रों के लिए भेजे गए विकास प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल नहीं किया गया, जिससे स्थानीय जनता विकास कार्यों से वंचित हो रही है।
Tehri District Panchayat Meeting Ends in Protest
विरोध कर रहे जनप्रतिनिधियों का कहना था कि जिला योजना तैयार करते समय केवल कुछ चुनिंदा लोगों की पसंद की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई, जबकि निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को नजरअंदाज कर दिया गया। सदस्यों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की उपेक्षा बताते हुए मांग की कि सभी क्षेत्रों की विकास योजनाओं को निष्पक्ष रूप से जिला योजना में शामिल किया जाए। बैठक के दौरान कुछ महिला जिला पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि सदन में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना गया और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ भी नारेबाजी की गई और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। आगे पढ़िए..
जिला पंचायत सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। उनका कहना था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और विकास कार्यों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य कविता देवी ने कहा कि जिला योजना में उनके क्षेत्र की योजनाओं को शामिल करने के बजाय अन्य लोगों की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, जो उनके साथ अन्याय है। जिला पंचायत सदस्य अनुज शाह ने आरोप लगाया कि जिला योजना में "बंदरबांट" की गई है और योजनाओं का निष्पक्ष वितरण नहीं हुआ।
धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर
जिला पंचायत सदस्य दर्शानी रावत (दर्शनी देवी) ने कहा कि जिला योजना का लाभ केवल एक ही व्यक्ति को पहुंचाया जा रहा है और इसमें संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत भी दिखाई देती है। अनुज शाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके क्षेत्र में विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, दर्शानी रावत ने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए चुना है और जिला पंचायत सदन सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच है, जहां वे अपने क्षेत्र की समस्याएं मजबूती से उठाती रहेंगी।