उत्तराखंड: 3 लाख से अधिक लोगों पर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा, इन 5 लाख बच्चों की होगी जांच

उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 5 लाख बच्चों की टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला लिया है। सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच के साथ जरूरत पड़ने पर मुफ्त इलाज और इंसुलिन की सुविधा भी मिलेगी
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Uttarakhand Diabetes Screening: Uttarakhand to Screen 5 Lakh Children for Diabetes
Image: Uttarakhand to Screen 5 Lakh Children for Diabetes

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने बच्चों में बढ़ते डायबिटीज के खतरे को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) में अब टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज की स्क्रीनिंग भी शामिल कर दी गई है। इसके तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले करीब 5 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बच्चों को नि:शुल्क इलाज और इंसुलिन उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा।

Uttarakhand to Screen 5 Lakh Children for Diabetes

इस अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मोबाइल हेल्थ टीम प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग करेगी। टीम में दो आयुष चिकित्सक, एक एएनएम/स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट शामिल होंगे।

किन बच्चों की होगी विशेष जांच?

स्क्रीनिंग के दौरान उन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनमें निम्न जोखिम मौजूद हैं—
मोटापा या अधिक वजन
शारीरिक निष्क्रियता
जंक फूड का अधिक सेवन
परिवार में डायबिटीज का इतिहास
गर्भावस्था के दौरान मां को डायबिटीज होना
पीसीओएस (PCOS)
फैटी लिवर
हाई ब्लड प्रेशर

संदिग्ध बच्चों का जिला अस्पताल में होगा इलाज

स्क्रीनिंग के दौरान जिन बच्चों में डायबिटीज की आशंका मिलेगी, उन्हें जिला अस्पताल के एनसीडी (Non-Communicable Disease) क्लीनिक भेजा जाएगा। आगे पढ़िए..

वहां फास्टिंग ब्लड शुगर, भोजन के दो घंटे बाद शुगर और HbA1c जांच के आधार पर डायबिटीज की पुष्टि की जाएगी। यदि किसी बच्चे में टाइप-1 डायबिटीज की पुष्टि होती है, तो उसका तत्काल इंसुलिन उपचार शुरू किया जाएगा। वहीं टाइप-2 डायबिटीज और प्री-डायबिटीज की भी पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

पहले से चल रही है वयस्कों की स्क्रीनिंग

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड पहले से ही 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की डायबिटीज और अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग कर रहा है। विभाग ने प्रदेश में 39,85,960 लोगों को लक्षित आबादी में शामिल किया है, जिनमें से अब तक करीब 34 लाख लोगों की जांच पूरी हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुमान के अनुसार लक्षित आबादी के 7.7 प्रतिशत लोग टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित हो सकते हैं। इस आधार पर प्रदेश में करीब 3,06,919 मरीज होने की संभावना है, जबकि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लगभग 1.25 लाख मरीजों का उपचार किया जा रहा है।