उत्तराखंड: अंकिता भंडारी केस में पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों की जमानत पर 18 अगस्त को सुनवाई

अंकिता भंडारी हत्याकांड में हाई कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने राहत नहीं दी और अगली सुनवाई 18 अगस्त को तय की।
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Ankita Bhandari Case: Ankita Bhandari Case Pulkit Arya Gets No Relief from High Court
Image: Ankita Bhandari Case Pulkit Arya Gets No Relief from High Court

नैनीताल: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को हाई कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सोमवार को हाई कोर्ट की खंडपीठ ने तीनों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की है। मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता की ओर से जमानत के लिए अदालत में दलीलें पेश की गईं।

Ankita Bhandari Case Pulkit Arya Gets No Relief from High Court

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि तीनों आरोपी निर्दोष हैं और उन्हें अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में फंसाया गया है। अधिवक्ताओं ने मामले में पेश किए गए तथ्यों और साक्ष्यों पर भी सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि मामले की कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कुछ व्हाट्सऐप संदेश सत्यापित नहीं हैं और उन्हें साजिश के तहत तैयार किए जाने का आरोप लगाया गया। तीनों आरोपियों के अधिवक्ताओं ने अपने पक्ष में विभिन्न तथ्यों को अदालत के सामने रखा। अब अगली सुनवाई में अभियोजन और शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कोटद्वार की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पिछले वर्ष 30 मई को तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आगे पढ़िए..

मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य को हत्या, साक्ष्य मिटाने और संबंधित अन्य अपराधों में दोषी करार दिया गया था। वहीं रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तीनों आरोपियों ने हाई कोर्ट में अपील दायर की है। अपील पर सुनवाई अभी लंबित है।

सितंबर 2022 में लापता हुई थी अंकिता

18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। इसके कुछ दिन बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला बैराज से बरामद हुआ था। शुरुआत में मामला राजस्व पुलिस के पास था, जिसके बाद इसे नियमित पुलिस को सौंपा गया। मामले की जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी. रेणुका देवी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी ने जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पूरे उत्तराखंड में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। अब हाई कोर्ट में आरोपियों की अपील और जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के चलते मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं।