उत्तराखंड: 18 वर्षीय कांति के शव को लेकर 170 KM दौड़ते रहे परिजन, डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम करने से किया इनकार

Kanti Murder Case: 18 वर्षीय कांति झा का शव सड़क किनारे मिला था। पोस्टमार्टम के लिए दस्तावेजों की कमी के चलते परिजनों को शव लेकर काशीपुर से हल्द्वानी और वापस 170 KM दौड़ना पड़ा।
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Kashipur Murder Case: 18-Year-Old Woman Death Sparks Questions in Kashipur
Image: 18-Year-Old Woman Death Sparks Questions in Kashipur

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में 18 वर्षीय कांति झा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क किनारे खून से लथपथ मिले कांति के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों और पुलिस को करीब 170 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ी। दस्तावेजों में कमी के चलते हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिसके बाद शव को दोबारा काशीपुर लाया गया।

18-Year-Old Woman’s Death Sparks Questions in Kashipur

जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार सुबह रामनगर हाईवे के किनारे काशीपुर निवासी 18 वर्षीय कांति झा का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। उसके सिर में गोली लगने की आशंका जताई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया। इसके बाद गुरुवार शाम कांति के शव को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

दस्तावेजों में कमी बताकर पोस्टमार्टम से किया इनकार

शुक्रवार सुबह कांति के शव का पोस्टमार्टम होना था। लेकिन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मेमो और अन्य दस्तावेजों में कमी बताते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने जरूरी दस्तावेज व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने की गुहार भी लगाई, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे शव को वापस काशीपुर उप जिला अस्पताल भेजना पड़ा। आगे पढ़िए..

170 किलोमीटर की दौड़, फिर शाम को हुआ पोस्टमार्टम

पुलिस टीम और कांति की बड़ी बहन शांति शव लेकर दोपहर करीब 2 बजे काशीपुर पहुंचीं। यहां जरूरी कागजात तैयार कराए गए। इसके बाद शाम करीब 4 बजे शव को दोबारा हल्द्वानी के लिए रवाना किया गया। आखिरकार शाम करीब 6:30 बजे कांति के शव का पोस्टमार्टम हो सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। इस पूरी प्रक्रिया में परिजनों को शव लेकर करीब 170 किलोमीटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी।

रात 11 बजे हुआ अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर रात करीब 11 बजे ढेला नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर कांति का अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

काशीपुर अस्पताल ने दस्तावेजी गलती मानी

मामले में काशीपुर उप जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप दीक्षित ने बताया कि शव के साथ भेजे गए दस्तावेजों में मरीज की ओपीडी पर्ची नहीं थी। उन्होंने इसे त्रुटिवश हुई चूक बताया और संबंधित डॉक्टर को भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने की हिदायत देने की बात कही।
वहीं, काशीपुर के सीओ प्रशांत कुमार का कहना है कि दस्तावेजों में कोई बड़ी कमी नहीं थी। उनके अनुसार, मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार अधिकारी ने कागजों में कमी निकालकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा किया।

कांति की मौत की जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम

कांति की मौत को लेकर पुलिस जांच कर रही है। उसके सिर में गोली लगने की आशंका के चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कांति की मौत गोली लगने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।