उत्तराखंड: NSA अजीत डोभाल के गांव में स्कूल भवन को तरस रहे बच्चे, दो कमरों के घर में चल रही कक्षाएं

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय अठुल करीब छह दशक पुराना होने के बावजूद नए भवन का इंतजार कर रहा है। जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किए जाने के बाद पिछले दो साल से स्कूल एक मकान के दो कमरों में चल रहा है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Ajit Doval Village School: Children in Ajit Doval Village Await a New School Building
Image: Children in Ajit Doval Village Await a New School Building

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करती है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के क्षेत्र में बच्चे आज भी अपने प्राथमिक विद्यालय के सुरक्षित भवन का इंतजार कर रहे हैं।

Children in Ajit Doval’s Village Await a New School Building

करीब छह दशक पुराने प्राथमिक विद्यालय अठुल का भवन जर्जर हो चुका है। भवन में पढ़ाई करना जोखिम भरा होने के बाद अब पिछले दो वर्षों से विद्यालय एक ग्रामीण के मकान के दो कमरों में संचालित हो रहा है। वर्तमान में स्कूल में सिर्फ सात बच्चे अध्ययनरत हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अभियंताओं ने विद्यालय भवन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद भवन को निष्प्रयोज्य घोषित करते हुए उसमें कक्षाएं संचालित नहीं करने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद विद्यालय के लिए तत्काल कोई वैकल्पिक सरकारी भवन उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

पहले बरामदे में चलीं कक्षाएं, फिर ग्रामीण ने दिया घर

भवन के असुरक्षित होने के बाद कुछ समय तक बच्चों की कक्षाएं जर्जर विद्यालय भवन के बरामदे में संचालित की गईं। बाद में करीब दो वर्ष पहले धारकोट निवासी इंद्रजीत सिंह बिष्ट ने विद्यालय के लिए अपने मकान के दो कमरे उपलब्ध कराए। तभी से बच्चों की पढ़ाई इन्हीं कमरों में चल रही है। आगे पढ़िए..

फिलहाल विद्यालय में सात बच्चे पढ़ रहे हैं और इन्हीं सीमित संसाधनों के बीच उनकी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

अजीत डोभाल के क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

घीड़ी ग्राम सभा के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय गैंड में देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की थी। यह क्षेत्र के लिए गौरव की बात मानी जाती है। लेकिन इसी क्षेत्र के एक अन्य सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पास आज अपना सुरक्षित और उपयुक्त भवन नहीं होना शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

60 वर्ष पुराना प्राथमिक विद्यालय भवन

प्राथमिक विद्यालय अठुल करीब 60 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। इतने लंबे समय के बाद भी विद्यालय के लिए नया भवन उपलब्ध नहीं हो पाया है। जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किए जाने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं होने से बच्चों को ग्रामीण के निजी मकान में पढ़ना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के लिए जल्द से जल्द नया और सुरक्षित भवन बनाया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को उचित वातावरण में पढ़ाई की सुविधा मिल सके। विद्यालय भवन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस मामले में जल्द कदम उठाकर बच्चों के लिए स्थायी स्कूल भवन उपलब्ध कराएगा।