उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े अवमानना मामले में सरकार के रवैये पर सख्त टिप्पणी की और 7 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई तय की है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: UPNL Employees High Court Sets Final Hearing for October 7
नैनीताल: उत्तराखंड में उपनल के माध्यम से सरकारी विभागों में लंबे समय से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। 24 सितंबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के अब तक निर्णय नहीं लेने पर सख्त रुख अपनाया। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अब इस मामले में 7 अक्टूबर को अंतिम सुनवाई की तिथि तय की है।
UPNL Employees: High Court Sets Final Hearing for October 7
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए संबंधित नियमावली में संशोधन करना होगा। सरकार ने इसके लिए अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने पूर्व के आदेशों के अनुपालन में देरी को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि पहले दिए गए आदेशों पर अब तक निर्णय नहीं लिया गया है और हर बार अतिरिक्त समय की मांग की जा रही है।
कर्मचारी संघ ने बॉन्ड भरवाने का मुद्दा उठाया
वहीं, उपनल कर्मचारी संघ की ओर से अदालत को बताया गया कि कर्मचारियों से समान काम के लिए समान वेतन दिए जाने के संबंध में बॉन्ड भरने का दबाव बनाया जा रहा है। आगे पढ़िए..
संघ की ओर से इसे गलत बताते हुए अदालत के समक्ष अपनी आपत्ति रखी गई। इससे पहले भी कर्मचारियों की ओर से सरकार पर कोर्ट के आदेश के अनुपालन में देरी और अतिरिक्त समय मांगने का आरोप लगाया जाता रहा है।
2018 के हाईकोर्ट आदेश से जुड़ा है मामला
मामले के अनुसार, उपनल कर्मचारी संघ ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने लंबे समय से कार्यरत उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में आदेश दिए थे। इस आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 2018 के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें निर्धारित नियमितीकरण योजनाओं के तहत 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया का निर्देश शामिल था।
करीब 22 हजार कर्मचारियों पर नजर
उपनल कर्मचारी संघ का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद लंबे समय से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने के कारण प्रदेश के करीब 22 हजार उपनल कर्मचारी नियमितीकरण को लेकर असमंजस में हैं। हालांकि, नियमितीकरण की पात्रता और प्रक्रिया संबंधित नियमों एवं सरकारी निर्णयों के अधीन है। हाईकोर्ट अब 7 अक्टूबर को मामले की अंतिम सुनवाई करेगा।
अब 7 अक्टूबर को होगी अंतिम सुनवाई
24 सितंबर की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। अब सुनवाई में सरकार की ओर से नियमावली में संशोधन और पूर्व न्यायिक आदेशों के अनुपालन से संबंधित स्थिति पर अपना पक्ष रखने की उम्मीद है। उपनल कर्मचारियों की नजर भी अब 7 अक्टूबर की सुनवाई पर है, क्योंकि नियमितीकरण, वेतन और सेवा संबंधी उनके लंबे समय से चले आ रहे विवाद में आगे की दिशा अदालत के रुख से तय होगी।