उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली।
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कपिल
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Image: nd tiwari died in delhi
: उत्तराखंड के पूर्व सीएम रह चुके एनडी तिवारी अब इस दुनिया में नहीं रहे। एनडी के निधन से राजनीति पार्टियों में शोक की लहर दौड़ गई। दिल्ली के साकेत के मैक्स अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। ब्रेन स्ट्रोक आने के कारण 29 सितंबर 2017 से एनडी तिवारी दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। आज ही एनडी तिवारी का 92वां जन्मदिन भी था और इसी दिन वो इस दुनिया से चले गए। जीवन के नौ दशक पूरे कर चुके नारायण दत्त तिवारी ने पिछले साल नए पॉलिटिकल करियर भी शुरुआत की थी, जिस उम्र में आम तौर पर लोग राजनीति से संन्यास लेते हैं, उस उम्र में नारायण दत्त तिवारी ने बेटे रोहित शेखर शर्मा के साथ इसी साल बीजेपी ज्वॉइन की थी। आइए उनके राजनीतिक जीवन के बारे में जानिए।
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नारायण दत्त तिवारी का जन्म 1925 में नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था। तिवारी आजादी की लड़ाई में भी शामिल हुए थे। 1942 में वो ब्रिटिश सरकार की साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ नारे वाले पोस्टर और पंपलेट छापने के आरोप में पकड़े गए थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर नैनीताल जेल में डाल दिया गया। 15 महीने तक गिरफ्तार रहने के बाद वो 1944 में जेल से आजाद हुए थे। नारायण दत्त तिवारी 3 बार उत्तर प्रदेश के सीएम रह चुके हैं। इसके अलावा वो एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2007 में तिवारी को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था। 80 के दशक में नारायण दत्त तिवारी योजना आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। इसके साथ हगी 80 के दशक में ही वो केंद्रीय मंत्री समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
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जीवन के 90 दशक पार कर चुके नारायण दत्त तिवारी अब अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। आखिरकार उन्होंने अपने 92 वें जन्मदिन पर आखिरी सांस ले ली। राजनीतिक जगत में उनके निधन से शोक का माहौल है।