केदारनाथ फिल्म के विरोध में अब पहाड़ के लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं। रुद्रप्रयाग जिले में फिल्म की स्टार कास्ट का पुतला फूंका गया।
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आदिशा
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: kedarnath film protest in uttarakhand
: लगता है केदारनाथ फिल्म पर उठ रहा बवाल फिलहाल शांत नहीं होगा। ये बवाल लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पहाड़ में लोग सड़कों पर उतरकर फिल्म के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले के सतेराखाल में स्थानीय जनता ने केदारनाथ फिल्म के निर्देशक अभिषेक कपूर, अभिनेता सुशान्त राजपूत, अभिनेत्री सारा अली खां का पुतला फूंका। सामाजिक कार्यकर्ता गम्भीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में मुर्दाबाद के नारे भी लगाये गये। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता गम्भीर सिंह बिष्ट ने कहा कि इस फिल्म के टीजर देखने से ही साफ लगता होता है कि फिल्म बनाने वालों ने हिन्दू धर्म की आस्था और स्थानीय जनभावनाओं का अपमान किया है। बहुत लम्बे वक्त से देश की जनता को केदारनाथ फिल्म का इंतजार था, लेकिन कुछ दिन पहले ही आये इस फिल्म के टीजर से बहुत कुछ साफ हो गया है। आपको हम पहला वीडियो दिखा रहे हैं , इसके बाद दो और भी वीडियोज़ हैं जिनसे साफ होता है कि पहाड़ की जनता अब गुस्से में है।
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सामाजिक कार्यकर्ता गंभीर सिंह बिष्ट ने आगे कहा कि ‘इस फिल्म की कहानी का 2013 में हुई आपदा से कोई लेना देना नहीं है बल्कि सिर्फ और सिर्फ स्थानीय जनता और पूरे हिन्दू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना मात्र है। टीजर में दिखाये गये और फिल्माए गये दृश्यों में प्रेमी जोड़े का प्रेम प्रसंग को किस नीचता से फिल्माया गया है, ये बखूबी दिख रहा है किस तरह से दो समुदायों के युवक-युवतियों की प्रेम कहानी को दिखाया जा रहा है। जबकि दुनिया जानती है कि इस तबाही में हजारों लोग काल के ग्रास में समा गये थे, कई घर के घर बर्बाद हुए, किसी ने अपने माता-पिता खोये, किसी ने अपना बेटा, किसी ने अपना भाई, किसी ने अपनी बहन, किसी ने अपना सुहाग और किसी ने अपना सब कुछ खो दिया। किसी का तो कोई नाम लेने वाला भी इस दुनिया में नहीं रहा’। अब आप ये दूसरा वीडियो देखिए
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उन्होंने आगे कहा कि ‘स्थानीय लोगों का सब कुछ बर्बाद हो गया। उनके आशियाने, रोजगार, भविष्य के सपने सब कुछ एक झटके में खत्म सा हो गया। लेकिन फिल्म निर्माताओं के द्वारा यहां के लोगों की भावनाओं के साथ छलावा किया गया। केदारनाथ जी के नाम का इस्तेमाल करके संस्कृति, परम्पराओं के साथ छेड़छाड़ और फूहड़ता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। पुतला दहन में गम्भीर सिंह बिष्ट, मोहन सजवाण, दीक्षराज रावत,दयाल सिंह, गोपाल सिंह, मोहन बुटोला, चरण सिंह, विक्रम सिंह, यशवंत सिंह, दर्मान सजवाण, विजय सिंह,छतर सिंह, प्रवीण सिंह आदि मौजूद थे। देखिए तीसरा वीडियो।