उत्तराखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अबी अभी पिथौरागढ़ में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
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कपिल
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: earthquake in pithoragarh uttarakhand
: क्या उत्तराखंड के लिए वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है ? सवाल इसलिए क्योंकि इसका डर आज ही देखने को मिला है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भूकंप के बड़े झटके महसूस किए गए हैं। बताया जा रहा है कि रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 आंकी गई है। लोग दहशत में हैं और घरों से बाहर निकल आए हैं। पहला झटका करीब 12: 38 मिनट पर आया। इसके बाद 12:45 बजे दोबारा तेज झटके महसूस हुए। इसी दौरान धारचूला और अस्कोट में लोगों के घरों में सामान गिर गए। इसके बाद से लोग दहशत में हैं और घरों से बाहर निकल आए। 5 रिक्टर स्केल की तीव्रता भी पहाड़ के लिए काफी संवेदनशील है। भले ही मौसम विभाग का कहना है कि भूकंप का झटका एक बार महसूस किया गया लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिकज दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।
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वैज्ञानिक भी उत्तराखंड को लेकर बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इस बारे में भी जानिए।
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पहले वाले झटके में धरती बेहत तेज़ी से डोली और दूसरे झटके से तो लोग काफी डर गए। आपको बता दें कि हाल ही में वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड के लिए चेतावनी भी दी है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की रिसर्च में ये हैरान कर देने वाली बातें सामने आई हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत का कहना है कि उत्तराखंड में 250 किलोमीटर का क्षेत्र भूकंपीय ऊर्जा का लॉकिंग जोन बन गया है। सबसे ज्यादा लॉकिंग जोन चंपावत, टिहरी-उत्तरकाशी क्षेत्र, धरासू बैंड और आगराखाल में पाए गए हैं। इसलिए सावधान रहने की बेहद जरूरत है। वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि ये ऊर्जा 8 रिक्टर स्केल तक के विनाशकारी भूकंप में तब्दील हो सकती है। सवाल ये है कि क्या आज आए भूकंप ने इसी बात की चेतावनी दी है ?