बागेश्वर जिले में गुलदार ने किस तरह से आतंक मचाया हुआ है। इसका अंदाजा आप इस खबर को पढ़ने के बाद लगा सकते हैं।
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आदिशा
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Image: student died due to heart attack in bagheswar
बागेश्वर: खबरों में पढ़ना बड़ा आसान है कि गुलदार आया। आपको लगता होगा कि गुलदार का डर कुछ नहीं होता। ये उस परिवारों से पूछिए जिन्होंने गुलदार की वजह से अपने मासूम खो दिए। उस गांव से पूछिए, जिसने एक हफ्ते के भीतर अपने दो मासूम खो दिए। हाल ही में बागेश्वर में गुलदार एक स्कूल के छात्रों पर झपट गया था। इसके बाद छात्रों में हड़कंप मच गया था और सभी छात्र जान बचाने के लिए इधर से उधर भागने लगे थे। इसी दौरान एक छात्र हेमंत टंगड़िया की मौत हो गई और गांव वालों ने सड़क पर उतरकर आक्रोश जताया। डॉक्टरों की रिपोर्ट कहती है कि हेमंत की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। अब वन विभाग रिपोर्ट के मुताबिक मुआवजे की कार्रवाई करने की बात कह रहा है। अब आपको बताते हैं कि वो खौफनाक मंजर कैसा था ? कैसे अब तक दो बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं।
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बताया जा रहा है कि बागेश्वर के द्यांगण गांव के एक स्कूल में 9 नवंबर की शाम बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान एक गुलदार वहां घात लगाए बैठा था। छात्रों में से किसी की नज़र गुपलदार पर पड़ी तो छात्र भागने लगे। इसी बीच गुलदार ने भी छात्रों पर झपटने की कोशिश भी की। इसी दौरान हेमंत टंगड़िया गहरे गधेरे में गिर गया था। जब सभी छात्र घर पहुंचे तो उन्होंने गांव वालों को इस बात की जानकारी दी। गांव वाले बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे और देखा कि गधेरे में हेमंत पड़ा है। हेमंत को अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुका था। इसके बाद गुस्साए गांव वाले रहेमंत का शव लेकर सड़क पर बैठ गए थे। बाद में हेमंत की रिपोर्ट आई तो पता चला है कि गुलदार को देखने के बाद उसे हार्च अटैक आ गया था और वो होश खोकर गधेरे में गिर गया।
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गुस्साए गांव वालों में मुआवजे की मांग की है और गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की है। दरअसल द्यांगण गांव में गुलदार के हमले में इससे पहले करन नाम के बच्चे की भी मौत हुई है। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी वन विभाग को पहुंच गई है। डॉक्टरों के मुताबिक करन की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है। उसकी गर्दन पर गुलदार के पंजों के निशान भी थे। देखिए बागेश्वर में जनता का हंगामा।