पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुआ उत्तराखंड का सपूत...घर में मचा कोहराम!

उत्तराखंड के खटीमा के रहने वाले चंद्रिका प्रसाद (50) पुत्र बृजनंदन प्रसाद जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए हैं
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
उत्तराखंड शहीद: uttarakhand chandrika prasad crpf martyar in jammu
Image: uttarakhand chandrika prasad crpf martyar in jammu

उधमसिंह नगर: उत्तराखंड का एक और लाल देश के लिए शहीद हो गया है। खबर है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों की ओर से रविवार की शाम CRPF कैंप पर हमला किया गया। इस हमले में उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। उत्तराखंड के खटीमा के खेलड़िया के रहने वाले चंद्रिका प्रसाद (50) पुत्र बृजनंदन प्रसाद जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए हैं। ये खबर मिलने के बाद शहीद के घर पर कोहराम मच गया। आज रात तक शहीद का पार्थिव शरीर खटीमा उनके घर पर पहुंच सकता है। चंद्रिका के तीन बेटे और चार बेटियाँ है। सबसे छोटी 3 पुत्रियों की शादी नहीं हुई है।

चंद्रिका CRPF में हवलदार के पद पर तैनात थे। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों की ओर से रविवार की देर शाम CRPF कैंप पर हमला किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक काकपोरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित CRPF कैंप को निशाना बनाकर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं जिसमें 183 बटालियन के हेड कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें तुरंत ही पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। आपको बता दें कि चुनाव ड्यूटी के लिए चंद्रिका प्रसाद की एक दिन पहले ही यहां ड्यूटी लगी थी।
Chandrika Prasads Wreath Laying Ceremony uttarakhand martyar

रिपोर्ट्स के मुताबिक आंतकवादियों ने जिले के काकापुरा में सीआरपीएफ के शिविर पर गोलीबारी की और एक ग्रेनेड फेंका। लेकिन सुरक्षा बलों ने हमले को नाकाम कर दिया। इस हमले में सीआरपीएफ के जवान हेड कांस्टेबल चंद्रिका प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए उन्हें तत्काल पास के एक अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। 53 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल चंद्रिका प्रसाद उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के खटीमा के निवासी थे। ये खबर मिलने के बाद शहीद के घर पर कोहराम मच गया। आज रात तक शहीद का पार्थिव शरीर खटीमा पहुंच सकता है। चंद्रिका के तीन बेटे और चार बेटियाँ है। सबसे छोटी 3 पुत्रियों की शादी नहीं हुई है। चंद्रिका CRPF में हवलदार के पद पर तैनात थे।