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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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: लैसडोन का नायक भवानी दत्त जोशी परेड ग्राउंड, एक बार फिर से देश पर मर मिटने वालों की टोली यहां मौजूद थी। देश के लिए मर मिटने की कसम खाकर 174 जवान भारतीय थल सेना में शामिल हो गए। परेड के पुनर्निरीक्षण अधिकारी ब्रिगेडियर अनूप सिंह चौहान ने जवानों से रेजीमेंट की शौर्य और परंपरा का निर्वहन करने का आहावान किया। गढ़वाल राइफल रेजीमेंटल सेंटर की ख्याति को विश्व पटल पर ले जानमे का आह्वान किया गया। परेड कमांडर राइफलमैन सुभाष सिंह के नेतृत्व में जब जवानों की टोली जनता के बीच आई तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सभी का स्वागत किया गया। 34 महीनों से मिली कड़ी ट्रेनिंग के बाद ये वीर जवान तैयार हुए और देश की सेना में शामिल हो गए।