उत्तराखंड: खूंखार भालू ने किया सेना के कर्नल पर हमला, अस्पताल में हालत गंभीर

उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि सेना के कर्नल पर एक खूंखार भालू ने हमला कर दिया।
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उत्तराखंड: bear attack on army officer in uttarakhand
Image: bear attack on army officer in uttarakhand

: उत्तराखंड जंगल कट रहे हैं और जंगली जानवरों की धमक इंसानी बस्तियों में धमक बढ़ा रहे हैं। इस बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। एक वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक जोशीमठ के कैंट एरिया में सेना के कर्नल पर खूंखार भालू ने हमला कर दिया। इस हमले में कर्नल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका प्राथमिक इलाज सेना अस्पताल में किया जा रहा है। हालत गंभीर है और इसे देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से बड़े अस्पताल में भर्ती कराने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
बताया गया है कि जंगली भालू 9 पर्वतीय ब्रिगेड मुख्यालय के आवासीय परिसर में आ गया। कर्नल डीके आचार्य सुबह करीब साढ़े 6 बजे वहां से गुजर रहे थे। इसी बीच घात लगाए बेठे भालू ने उन पर हमला कर दिया।

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बताया जा रहा है कि भालू ने कर्नल डीके आचार्य के शरीर के कई हिस्सों में गंभीर घाव किए हैं। जैसे ही सेना के अधिकारियों की इस बात की खबर पहुंची, तो हड़कंप मच गया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कर्नल डीके आचार्य को अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि वन विभाग को भी इस बात की खबर की गई। सूचना पर नंदा देवी नेशनल पार्क के उप वन अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि भालू को जंगल की तरफ भगाया जा सके। आर्मी परिसर में भालू की धमक से पूरे इलाके में डर का माहौल है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही चमोली जिले के भेंटी गांव में एक भालू की वजह से दहशत फैल गई थी। भालू ने आंगन में बैठी 10 साल की बच्ची पर हमला किया था।

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भेंटी गांव के रहने वाले त्रिलोक सिंह की 10 साल की बेटी का नाम है कान्हा। बताया जा रहा है कि कान्हा स्कूल जाने से पहले मां की गोद में बैठी थी और अपने बाल बनवा रही थी। इसी दौरान घात लगाकर बैठे एक भालू उस मासूम बेटी पर झपटा।काफी देर तक भालू से बच्ची को बचाने के लिए मां जद्दोजहद करती रही। इसके बाद ग्रामीणों के शोर से भालू वहां से भाग गया। इस हमले से कान्हा के शरीर पर काफी जगह जख्म पड़ गए थे।
आपको बता दें कि पहाड़ में जंगली जानवर अक्सर परेशानी का सबब बन जाते हैं। कभी स्थानीय लोगों पर ये जानवर जानलेवा हमले कर रहे हैं, तो कभी खेत में घुसकर ही फसलें बर्बाद कर देते हैं।