गढ़वाल राइफल का जांबाज..माइन ब्लास्ट के दौरान शहीद, 4 बहनों का रो-रोकर बुरा हाल

आज ही एक दुखद खबर आई कि उत्तराखंड के दो सपूत राजौरी में माइन ब्लास्ट के दौरान शहीद हो गए। शहीद सुरजीत सिंह राणा की कहानी जानिए।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
उत्तराखंड : Story of surjeet singh rana
Image: Story of surjeet singh rana

चमोली: चमोली जिले के स्यूंण गांव का बेटा, चार बहनों का अकेला भाई, 10वीं गढ़वाल राइफल का वीर जवान...शहीद सुरजीत सिंह की कहानी जानकर आज हर आंख नम है। शहीद सुरजीत सिंह बेहद ही गरीब परिवार से हैं, जहां उनका बचपन मुफलिसी में ही बीता है। परिवार में एक बूढ़ी मां, एक भाई और चार बहनें हैं। शहादत की खबर के बाद से चमोली के स्यूंण गांव में शोक की लहर है। जम्मू-कश्मीर के रजौरी में सेना के अभियान के दौरान माइन ब्लास्ट हो गया। इसकी चपेट में आने से सुरजीत सिंह मौके पर ही शहीद हो गए। पुलिस ने जब देर रात परिवार वालों को इस बारे में खबर की, तबसे परिवार सदमे में है। आपको ये जानकर भी दुख होगा कि एक साल पहले ही शहीद सुरजीत सिंह की पत्नी का देहांत भी एक साल पहले हो चुका है।

यह भी पढें - सीमा पर शहीद हुए उत्तराखंड के 2 सपूत, गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक शोक की लहर
उनके कोई बच्चे नहीं हैं। शहीद सुरजीत सिंह की चार बहने हैं और वो उनमेंं सुरजीत सबसे छोटे हैं। शहीद के बड़े भाई महाबीर सिंह घर ही रहते हैं। जानकारी मिली है कि सुरजीत के पिता का देहांत करीब 22 साल पहले हो चुका था। पिता के जाने से घर में खाने-कमाने के लाले पड़ गए थे। जैसे तैसे उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और सेना में भर्ती हो गए। अब घर थोड़ा बहुत संभल ही रहा था कि सुरजीत सिंह शहीद हो गए। बताया गया है कि सुरजीत सिंह राणा कुछ वक्त पहले ही छुट्टी पर घर आए थे और उसके बाद ड्यूटी पर वापस लौटे थे। शनिवार की शाम को सैन्य अधिकारियों की तरफ से परिजनों को फोन आया और सुरजीत सिंह राणा के शहीद होने की जानकारी दी। माइन ब्लास्ट में स्यूंण गांव का बेटा शहीद हो गया। ये भी जानिए कि माइन ब्लास्ट कब और कैसे हुआ।

यह भी पढें - उत्तरकाशी डीएम ने खुद कटवाया अपनी गाड़ी का चालान, हैरत में पड़े अधिकारी
दरअसल शनिवार को जम्मू कश्मीर की कलीठ फील्ड फायरिंग रेंज पर पलांवाला के चपरेयाल क्षेत्र में सेना का अभ्यास चल रहा था। इस दौरान माइन ब्लास्ट हो गया। इसकी चपेट में आने से सेना के दो जवान शहीद हो गए। इस हादसे में एक सैनिक घायल भी हुआ है। फिलहाल शहीद के गांव में शोक की लहर है। मन में दुख और दिल में शहीद के लिए सम्मान लिए हर कोई इस जांबाज को सलाम कर रहा है।

बस , अभी सोने ही वाला था कि खबर मिली कि फिर से अपने उत्तराखंड का एक और जवान शहीद हो गया।

हम अच्छे से सो पाए औऱ अच्छे से...

Posted by Lalit Shivaa Kanyal on Saturday, December 1, 2018