गौरवशाली पल: 26 जनवरी को राजपथ पर दिखेगा उत्तराखंड का ‘स्विट्जरलैंड’

26 जनवरी को जब आप अपनी टीवी स्क्रीन खोलेंगे तो उत्तराखंड के स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले खूबसूरत पर्यटक स्थल का नजारा देखेंगे।
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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

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उत्तराखंड: Anashkati ashram in rd parade delhi
Image: Anashkati ashram in rd parade delhi

: 26 जनवरी को हर कोई राजपथ पर होने वाली परेड जरूर देखता है। अगर आप उत्तराखंड से हैं, तो आपके लिए भी गणतंत्र का ये पर्व और भी गौरवशाली साबित होगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तराखंड की संस्कृति की झलक राजपथ पर देखने को मिलेगी। गणतंत्र दिवस परेड-2019 में उत्तराखंड को अपनी झांकी प्रदर्शित करने का मौका मिला है। उत्तराखंड झांकी के माध्यम से महात्मा गांधी का अनाशक्ति दर्शन पूरे देश के सामने प्रदर्शित करेगा। केंद्र की तरफ से उत्तराखंड की झांकी को हरी झंडी मिल गई है, इसके साथ ही झांकी के प्रदर्शन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उत्तराखंड अपनी झांकी में कौसानी के ‘अनाशक्ति आश्रम’ को प्रदर्शित करेगा। अब आपको बताते हैं कि आखिर इस बार इसे झांकी में दिखाने का फैसला क्यों किया गया है।

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इस बार गणतंत्र दिवस परेड की थीम महात्मा गांधी है, यही वजह है कि उत्तराखंड की तरफ से महात्मा गांधी के अनाशक्ति आश्रम को प्रदर्शित करने का फैसला लिया गया है। कौसानी ही वह जगह है, जिसे महात्मा गांधी ने भारत के स्विटजरलैंड का खिताब दिया था। कौसानी के अनाशक्ति आश्रम में महात्मा गांधी ने सन् 1929 में किताब ‘अनाशक्ति योग’ लिखी थी। परेड में प्रदर्शित होने वाली उत्तराखंड की झांकी के मुख्य हिस्से में अनाशक्ति योग लिखते हुए महात्मा गांधी की बड़ी आकृति को प्रदर्शित किया जाएगा। साइड पैनल में उत्तराखंड के केदारनाथ, बदरीनाथ और जागेश्वर धाम के अलावा सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलेंगी। बता दें कि राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड की झांकी दस बार गणतंत्र दिवस परेड की शोभा बढ़ा चुकी है।