उत्तरकाशी में 1991 में भी भयानक भूकंप आया था। एक बार फिर से यहां भूकंप के झटके महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन की टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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कोमल
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Image: earthquake in uttarkashi
उत्तरकाशी: आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील उत्तरकाशी शहर में आज दो बार धरती कांप गई। दोपहर में दो बार उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप आने की सूचना मिलते ही लोग अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मापी गई। भूकंप के झटकों का केंद्र डुंडा इलाका बताया जा रहा है, जो कि जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर है। भूकंप आने के बाद शहर के लोग सहमे हुए हैं। लोगों को भूकंप के बड़े झटके आने का भी अंदेशा है...यही वजह है कि वो बेहद डरे हुए हैं। उत्तरकाशी में रहने वाले लोगों के पास हालचाल पूछने के लिए उनके रिश्तेदारों के लगातार फोन-कॉल्स आ रहे हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि फिलहाल भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। बता दें कि इससे पहले 5 जनवरी को भी भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, तब से यहां के लोग डरे हुए हैं।
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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में दोपहर 12 बजे भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। उत्तरकाशी, भटवाड़ी, जोशियाड़ा, ज्ञानसू, डुंडा, चिन्यालीसौड़ समेत अन्य क्षेत्रों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की खबर मिलते ही आपदा-प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में सभी तहसीलों से जानमाल की सूचना ली। इसके साथ ही आईआरएस से जुड़े अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों में एंबुलेंस समेत दूसरे जरूरी इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि इससे पहले 4 दिसंबर 2018 को भी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जबकि 5 जनवरी को धारचूला में भूकंप आया था। थोड़े-थोड़े अंतराल पर आ रहे भूकंप के झटकों से लोग दहशत में हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है।