पहाड़ के बेरोजगारों को मिला हक, सीएम ने दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के बेरोजगारों के हक में बड़ा फैसला लिया है। अब लोक सेवा आयोग और समूह ग की भर्ती में केवल वही अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे जिन्होंने दसवीं और 12वीं की परीक्षा उत्तराखंड में ही पास की हो।
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
उत्तराखंड: Good news for unemployed in dehradun
Image: Good news for unemployed in dehradun

: त्रिवेंद्र सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब लोक सेवा आयोग और समूह ग की भर्ती में केवल वही अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे जिन्होंने दसवीं और 12वीं की परीक्षा उत्तराखंड में ही पास की हो। इस फैसले से उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के ज्यादा मौके मिलेंगे। उन्हें उत्तराखंड का स्थाई निवासी होने का फायदा भी भर्ती के दौरान मिलेगा। विधानसभा के बजट सत्र से पहले हुई उत्तराखंड कैबिनेट की अहम बैठक में ये फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की, बैठक में आबकारी नीति, किसान सम्मान निधि समेत 17 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 15 पर कैबिनेट की सहमति मिल गई है। बैठक में अहम फैसला लेते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने उत्तराखंड के युवाओं के लिए सरकारी नियुक्ति का रास्ता खोल दिया। आपको बता दें कि पिछले दिनों नैनीताल हाईकोर्ट ने समूह ग की परीक्षा के लिए सेवायोजन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म कर दी थी, जिस वजह से दूसरे राज्यों के प्रतिभागियों के लिए भी इन परीक्षाओं में शामिल होने का रास्ता खुल गया था।

यह भी पढें - उत्तराखंड में 55,717 युवाओं को मिलेगा रोजगार, NCDC से मिलेंगे 3,340 करोड़ रुपये
बहरहाल त्रिवेंद्र सरकार के आज के फैसले से प्रदेश के युवाओं को उनका हक मिल सकेगा। प्रदेश के बेरोजगार युवा ही अब लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बैठ पाएंगे। अब तक इस परीक्षा में देशभर के अभ्यर्थी हिस्सा ले सकते थे, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार के फैसले के बाद केवल वो ही अभ्यर्थी पीसीएस अफसर बन पाएंगे, जिन्होंने उत्तराखंड से ही दसवीं और बारहवीं की हो। कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति की घोषणा हुई। इसके साथ ही किसान सम्मान निधि राज्य में भी देने का फैसला लिया गया। पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रतिवेदन को मंजूरी दे दी गई। इन मुद्दों के साथ ही हिमालयी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मान्यता, पिछड़ा वर्ग आयोग के प्रतिवेदन को मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण फैसले भी कैबिनेट बैठक में लिए गए।