पुलवामा में शहीद हुआ देवभूमि का वीर सपूत, उत्तराखंड में शोक की लहर!

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के दो जवानों ने अपनी शहादत दी है। ये सीआरपीएफ जवान ऊधमसिंहनगर और उत्तरकाशी के रहने वाले थे।
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उत्तराखंड: UTTARAKHAND MOHANLAL RATURI MARTYERD IN PULWAMA
Image: UTTARAKHAND MOHANLAL RATURI MARTYERD IN PULWAMA

उत्तरकाशी: जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले में उत्तराखंड ने अपने दो सपूतों को खो दिया है। सीआरपीएफ के जवानों की शहादत पर परिजन गर्व महसूस कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्हें अपनों के चले जाने का भी गम है। ये जवान अपने घर पर जल्द वापस लौटने का वादा कर ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वापस ना लौट सके...शहीदों के घर में कोहराम मचा है। परिजन और बच्चे बिलख रहे हैं, ये देख कर हर ग्रामीण की आंख नम है। हर कोई बस यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक जवानों को यूं ही अपनी शहादत देनी पड़ेगी, क्या उनकी जिंदगी की कोई कीमत नहीं। लोगों में गुस्सा है, परिजन अपनों के लिए इंसाफ मांग रहे हैं। उत्तराखंड का एक और लाल पुलवामा में शहीद हो गया। शहीद जवान मोहन लाल रतूड़ी जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के बनकोट गांव के जांबाज जवान मोहन लाल रतूड़ी की शहादत से पहाड़ सन्न है।

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मोहनलाल के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, ग्रामीणों की भी आंख नम है। इस समय शहीद जवान का परिवार देहरादून में रहता है। बताया जा रहा है कि आज शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बनकोट ला जा सकता है। इसके साथ ही अवंतिपोरा में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गए। ऊधमसिंहनगर के सीआरपीएफ जवान वीरेंद्र सिंह के साथ ही जवान मोहनलाल इस हमले में शहीद हो गए हैं। सीआरपीएफ जवान मोहनलाल उत्तरकाशी जिले के गांव बनकोट के रहने वाले थे। उत्तराखंड ने अपने दो जांबाज जवानों को आतंकी हमले में खो दिया है। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए बड़े आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए हैं। इन जवानों में उत्तराखंड के दो लाल भी शामिल हैं। हमले में शहीद बाकी जवान दूसरे राज्यों के रहने वाले थे।