पहाड़ की बेटी को मिला इंसाफ..दुष्कर्म करने वाले दो हैवानों को आखिरी सांस तक जेल

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी पति और उसका साथी अब आखिरी सांस तक जेल में ही सड़ेंगे। आखिरकार पहाड़ की बेटी को इंसाफ मिल गया
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उत्तराखंड: justice for almora molestetion case girl
Image: justice for almora molestetion case girl

अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग को आखिरकार इंसाफ मिल गया। कोर्ट ने रेप के आरोपी पति और उसके साथी को अंतिम सांस तक कारावास में रहने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। सजा के साथ-साथ दोनों अभियुक्तों को 50 हजार का अर्थदंड भी जमा करना होगा। अर्थदंड की राशि को विशेष सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता को देने के आदेश भी दिए हैं। मामला 14 अक्टूबर 2018 का है। संदीप नेगी नाम का एक शख्स अपनी कार से रामनगर से धुमाकोट जा रहा था, जैसे ही वो मरचूला के पास पहुंचा उसे खाई में से किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। संदीप ने रुक कर देखा तो खाई में एक किशोरी घायल पड़ी कराह रही थी। उसने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने किशोरी को अल्मोड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद किशोरी ने पुलिस को जो भी बताया ...इसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। पीड़ित ने बताया कि उसकी शादी 27 अगस्त 2018 को सूरजपाल नाम के युवक से हुई थी, जो कि गाजियाबाद के खोड़ा में रहता है। आगे जानिए पूरी कहानी

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शादी के कुछ दिन बाद सूरजपाल एक गाड़ी बुक करा कर उसे घुमाने के बहाने सल्ट की तरफ ले आया, इस दौरान आरोपी पति सूरज और वाहन चालक सोहन सिंह बिष्ट ने उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसे जान से मारने की नीयत से गहरी खाई में फेंक दिया। इस मामले में कोर्ट ने अभियुक्त सूरज पाल को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और अलग-अलग धाराओं में तीस हजार रुपये के अर्थदंड और चालक सोहन सिंह को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने आदेश दिए है कि अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को दी जाए। पहाड़ में दरिंदगी के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं...जो वाकई शर्मनाक है। बेटियों की मासूमियत और उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है...ऐसे हैवानों से बच कर रहने के साथ ही, उन्हें कड़ा सबक सिखाने की जरूरत है। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने किशोरी से दुष्कर्म मामले में दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।