उत्तराखंड: बचपन से था सेना में जाने का जुनून, भर्ती होने के ठीक बाद चला गया देवेंद्र

देवेंद्र को बचपन से ही सेना में जाने का शौक था, लेकिन किसे पता था कि भर्ती होने के दो महीने बाद ही वो दुनिया छोड़ देगा।
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उत्तराखंड: jawan devendra singh sambhal died in training
Image: jawan devendra singh sambhal died in training

अल्मोड़ा: एक दुखद खबर रानीखेत से आ रही है, जहां आर्मी कैंट में ट्रेनिंग के दौरान रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल की मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से देवेंद्र की मां और परिजन बुरी तरह टूट गए हैं। मां गोमती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, बड़े भाई भी बिलख रहे हैं। मृतक रिक्रूट देवेंद्र सिंह तीन भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। दोनों भाई घर पर ही रहते हैं, जबकि दो बड़ी बहनों का विवाह हो चुका है। अभी दो महीने पहले ही देवेंद्र 25 मार्च को सेना में भर्ती हुआ था, ये उसका बचपन का ख्वाब था, वो हमेशा से सेना का हिस्सा बनना चाहता था। बड़े उत्साह से वो ट्रेनिंग के लिए रानीखेत गया था, लेकिन किसे पता था कि अब वो वहां से कभी नहीं लौट पाएगा। आर्मी कैंट रानीखेत में शनिवार को स्वीमिंग पूल में तैराकी का प्रशिक्षण करते समय डूबने से रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल की मौत हो गई, उनकी उम्र अभी केवल 20 साल थी। जरा सोचिए जिस परिवार का 20 साल का बच्चा चला गया...उस पर क्या बीत रही होगी। आगे पढ़िए कि गांव में कैसा माहौल है।

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रविवार को देवेंद्र का पार्थिव शरीर धारी ब्लॉक के बबियाड़ गांव में लाया गया, जैसे ही देवेंद्र की पार्थिव देह घर पहुंची, वहां कोहराम मच गया। ये परिवार इस वक्त किस तकलीफ से गुजर रहा है, इसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। दरअसल एक साल पहले ही देवेंद्र के पिता शिवराज सिंह की भी मौत हो गई थी, इस सदमे से परिजन अब तक उबरे भी नहीं थे कि देवेंद्र भी ये दुनिया छोड़कर चला गया। देवेंद्र के भाई ने बताया कि सेना में भर्ती होने के लिए उसने बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा तक नहीं दी, जबकि वो पढ़ाई में काफी होशियार था। सबसे छोटा होने की वजह से वो पूरे परिवार का लाडला था, लेकिन किसे पता था कि वो इस तरह हमें अकेला छोड़कर चला जाएगा। शनिवार की शाम पौने पांच बजे गांव में उन्हें हादसे की सूचना मिली, तब से गांव में मातम पसरा है। पैतृक घाट में सोमवार को जवान की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।