पहाड़ में तेज आंधी और बारिश की वजह से एक मकान की छत उड़ गई, वहां रह रही महिला ने बड़ी मुश्किल से अपनी और बच्चों की जान बचाई।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: rain and storm in uttarakhand
उत्तरकाशी: मौसम में आया बदलाव और बारिश कुछ लोगों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन गरीबों के लिए तो ये बारिश-आंधी भी काल ही है। उत्तराखंड में तेज आंधी-तूफान ने ना जाने कितने गरीबों के आशियाने उजाड़ दिए हैं, ये लोग अब फुटपाथ या दूसरे लोगों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। उत्तरकाशी में भी तेज बारीश और आंधी ने खूब कहर बरपाया, तेज आंधी की वजह से एक मकान की छत उड़ गई, गनीमत रही कि मकान में रह रही महिला और उसके तीन बच्चों को कुछ नहीं हुआ..ये लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। जान तो बच गई लेकिन अब इस परिवार के सामने आशियाने का संकट आ खड़ा हुआ है। घटना चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के अनोल गांव की है, जहां तेज बारिश और आंधी की वजह से मिट्टी से बने मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई। इस इलाके में आंधी ने खूब कहर बरपाया है।
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पीड़ित महिला अनीता देवी और उसके तीन बच्चे इस हादसे में बाल-बाल बचे, ये चारों लोग अब किसी दूसरे ग्रामीण के घर में रह रहे हैं। पीड़ित अनीता देवी ने बताया कि वो अपने तीन बच्चों के साथ लकड़ी और मिट्टी से बने पुश्तैनी मकान में ही रह रही थीं, लेकिन तेज आंधी और बारिश की वजह से कच्चे मकान की छत टूट गई...उनके पास अब रहने की जगह नहीं है, इस वक्त वो किसी अन्य ग्रामीण के घर में रह रहे हैं। वहीं घटना की सूचना मिले के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं, अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। हम आपसे भी ये अपील करना चाहते हैं कि पहाड़ में आंधी-बारिश के दौरान सावधानी बरतें। आपकी सावधानी में ही आपकी भलाई है।