देवभूमि की परंपरा का ‘मांगल’..पांडवाज़ ने नए कलेवर में तैयार किया..आप भी तैयार रहिए

उम्मीद कर सकते हैं परंपरा के एक नए और अनछुए अहसास की..उम्मीद कर सकते हैं पहाड़ के मांगल गीतों को एक नए कलेवर में देखने-सुनने की...जियो पांडवाज़
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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उत्तराखंड: pandavaas to present mangal folk of uttarakhand
Image: pandavaas to present mangal folk of uttarakhand

: मांगल...पहाड़ के गांवों में खुशी के मौके पर गाए जाने वाले वो गीत, जो शायद अब आपको याद नहीं होंगे। गांव के शुभ कार्यों में बुजुर्ग महिलाएं मांगल (मंगल गीत) गाती थीं। ये वो परंपरा है, जिसके साक्षी हम भी बने, जिसने हमें भी छुआ। आधुनिकीकरण की आंधी ऐसी चली कि हम इसे आत्मसात नहीं कर पाए। अब वो मांगल कहां हैं? जरूरत थी कि यादों की अनंत गहराइयों से उन पवित्र गीतों को निकालकर लाया जाए। खुशी इस बात की है कि पांडवाज़ ये काम कर रहे हैं। जल्द ही आपको सामने मांगल गीत कुछ नए अंदाज में पेश होने वाले हैं। तो आखिर वजह क्या है कि पांडवाज़ इस परंपरा के सारथी बने हैं ? मांगल की शुरुआत होती है त्रियुगीनारायण मंदिर से..त्रियुगीनारायण धाम,,जिसे अब वेडिंग डेस्टिनेशन का रूप दिया जा रहा है। कहा जाता है कि भगवान शिव और पार्वती का विवाह यहीं हुआ था। अब धीरे धीरे ये धाम वेडिंग डेस्टिनेशन में तब्दील हो रहा है। ऐसे में पांडवाज़ को इस वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए एक गीत तैयार करने के लिए कहा गया था।

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चुनौती वास्तव में बेहद मुश्किल भी थी। सबसे पहले उन शब्दों, उन मंगल आह्वानों को ढूंढकर लाना था..जो अतीत बन चुके थे। खैर...कोशिशें कामयाब होती हैं और ऐसा ही पांडवाज़ के साथ हुआ। अब जाकर ये गीत तैयार हुआ है। तो क्या उम्मीदें की जाएं ? एक तरफ धमाधम बजते नए गीत और दूसरी तरफ पहाड़ का पारंपरिक मांगल...किसे सुनना, देखना चाहेंगे आप ? वैसे याद दिला दें कि पांडवाज इससे पहले वो गीत आप सभी के सामने लेकर आ चुके हैं, जो आपके दिल से जुड़े। रंचणा, फुलारी, शकुना दे और अब मांगल... फिलहाल आपके सामने इस गीत का ऑडियो होगा और जल्द ही त्रियुगीनारायण में इस गीत का वीडियो शूट करने का भी प्लान है। उम्मीद करते हैं कि पांडवाज वक्त के साथ और बेहतर हों..अनामिका वशिष्ठ, अंजलि खरे, अवंतिका नेगी, एकता नेगी, रुचिका कंडारी, शालिनी बहुगुणा, शिवानी भागवत, सुनिधि वशिष्ठ, सुषमा नौटियाल, दीपक नैथानी, अमन धनाई और ईशान डोभाल ने इस गीत में आवाज़ दी है।राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं

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Posted by Pandavaas on Sunday, May 26, 2019