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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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अल्मोड़ा: चौखुटिया के खीड़ा गांव के लोगों ने जलप्रलय के बारे में सुना तो था, लेकिन रविवार को उसे देखा भी। आसमान से बारिश नहीं मानों आफत बरस रही थी। आंधी और लगातार कड़क रही बिजली से लोग सहमे हुए थे, घरों में सिमटे हुए थे कि तभी आफत का सैलाब आया और घरों-मवेशियों को बहाते हुए ले चला...खीड़ा गांव चारों तरफ से उफनाए गधेरों-नालों से घिर चुका था। पलक झपकते ही सबकुछ तबाह हो गया। गांव का गरीब किसान राम सिंह अपने मवेशियों को बचा रहा था, लेकिन सैलाब आखिर किसकी परवाह करता है, किसान राम सिंह भी बादल फटने के बाद आए सैलाब में बहता चला गया। कुछ ही मिनट में गांव के खेत मिट्टी-पत्थरों से पट गए थे। गांव वाले रातभर राम सिंह को ढूंढते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। खीड़ा के लोगों ने ऐसी तबाही पहली बार देखी। चश्मदीदों ने बताया कि दोपहर में मौसम सामान्य था, लेकिन शाम होते होते धूल भरी आंधी चलने लगी। थोड़ी देर बार अचानक तेज बारिश होने लगी। आगे देखिए वीडियो….उसके बाद तस्वीरें भी देखिए