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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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: वो जून का ही महीना था, जब साल 2013 में आई जलप्रलय ने पूरी केदारघाटी को तबाह कर दिया था। उस वक्त लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से केदारनाथ के पास स्थित चोराबाड़ी ताल का बड़ा हिस्सा ढह गया था। जिसके बाद ताल का पानी सैलाब की शक्ल में तबाही मचाते हुए आगे बढ़ चला। सैलाब आगे बढ़ता गया और पीछे छूट गए तबाही के निशान, जो आज भी देखे जा सकते हैं। कई साल बीत गए लेकिन आपदा के जख्म अब भी ताजा हैं। साल 2013 में उत्तराखंड में बड़ी तबाही मचाने वाले चोराबाड़ी ताल में अब बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिन पर वैज्ञानिक नजर बनाए हुए हैं। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक तालाब के चारों तरफ फैला ग्लेशियर टुकड़ों में टूट रहा है और ये ताल एक बार फिर जिंदा होने लगा है। इन दिनों तालाब में पानी भरा हुआ है। हालांकि वैज्ञानिक ये भी कह रहे हैं कि फिलहाल इस ताल का भरना केदारघाटी के लिए खतरे का संकेत नहीं है। पर फिर भी रिस्क नहीं लिया जा सकता। भू-वैज्ञानिक जल्द ही इस इलाके का दौरा करेंगे। जिला आपदा प्रबंधन की टीम को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ये टीम चोराबाड़ी में पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लेगी और अपनी रिपोर्ट डीएम को देगी।