स्वास्थ्य विभाग ने चमकी बुखार को लेकर अलर्ट जारी किया है, जानिए चमकी बुखार के लक्षण और बचाव के उपाय...
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कोमल नेगी
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Image: chamki bukhar uttarakhand udhamsingh nagar alert
उधमसिंह नगर: बिहार में चमकी बुखार ने कहर बरपा रखा है। अब तक कई मासूम चमकी बुखार की वजह से दम तोड़ चुके हैं। दूसरे राज्यों में भी चमकी नाम के इस बुखार की दहशत है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। अच्छी बात ये है कि चमकी बुखार को लेकर राज्य का स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर में स्वास्थ्य विभाग ने चमकी बुखार को लेकर अलर्ट जारी किया है। मैदानी क्षेत्र, जहां लीची की पैदावार खूब होती है, वहां चमकी बुखार कहर बरपा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने माता-पिता को अपने नौनिहालों का ध्यान रखने को कहा है। साथ ही बुखार में कुछ विशेष लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिले में अब तक चमकी बुखार का कोई मामला सामने नहीं आया है। किसी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण नहीं मिले हैं, पर विभाग अपनी तरफ से अहतियात बरत रहा है।
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चमकी बुखार एक तरह का दिमागी बुखार है, जिसने बिहार के मुजफ्फरपुर में कई मासूमों की जान ले ली। इसके खतरे को देखते हुए उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। चलिए अब आपको चमकी बुखार के लक्षण बताते हैं। अगर बच्चे को तेज बुखार, हाथ-पैर में अकड़न हों तो बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाएं। शरीर कांपना, चकत्ते निकलना या शुगर लेवल कम हो तो भी विशेषज्ञ की मदद लें। बच्चे को बुखार हो और वो बार-बार बेहोश हो रहा हो तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाएं, उसका इलाज कराएं। इसके साथ ही माता-पिता कुछ सावधानियां बरत कर बच्चों को चमकी बुखार से बचा सकते हैं। बच्चों को खाली पेट लीची ना खिलाएं। उन्हें धूप में ना जाने दें, ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन कराएं। सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, घर के आस-पास गंदा पानी जमा ना होने दें। बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें और उन्हें सड़े-गले फल ना खाने दें। हमारी आपसे अपील है कि चमकी बुखार के लक्षणों और बचाव संबंधी उपायों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोग अपने मासूमों का बचाव कर सकें।