पहाड़ में 6 साल के मासूम की सांस की नली में फंसी पेंसिल, डॉक्टरों ने कड़ी मेहनत से बचाई जान

6 साल के अमन के गले में पेंसिल फंस गई थी, समय पर इलाज ना होता तो उसकी जान पर बन आती...
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उत्तराखंड न्यूज: almora docters saved little boy
Image: almora docters saved little boy

अल्मोड़ा: मरीज के लिए डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं, उन्हें ये दर्जा इसलिए दिया गया है क्योंकि हर तरफ से निराश हो चुका इंसान बड़ी उम्मीदें लेकर उनके पास आता है। ये बात अलग है कि अब डॉक्टरी का पेशा सेवा कम, बिजनेस ज्यादा बन गया है, इसके बावजूद कुछ डॉक्टर्स ऐसे भी हैं जिनमें इंसानियत आज भी जिंदा है। मरीज की जान बचाना ही उनकी पहली प्राथमिकता है। अल्मोड़ा के चौखुटिया के अस्पताल में तैनात डॉ. विवेक पंत और डॉ. अमित भी ऐसे ही डॉक्टरों में शामिल हैं। हाल ही में इन दोनों डॉक्टरों ने अपने ज्ञान और अनुभव का इस्तेमाल कर 6 साल के बच्चे की जिंदगी बचा ली। घटना 5 जुलाई की है। दिगौत गांव में रहने वाले 6 साल के अमन के गले में पेंसिल फंस गई थी। बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। जिसके बाद रोते-बिलखते परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया ले आए। बच्चे की हालत गंभीर थी। फिर भी डॉक्टर्स ने बच्चे को अस्पताल में एडमिट कर लिया और उसकी सांस नली से पेंसिल निकालने की रणनीति बनाने लगे। आगे पढ़िए

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बताया जा रहा है कि इसी वक्त अमन को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उसके दिल की धड़कन रुकने लगी। बच्चा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था। जल्द ही इलाज नहीं होता तो उसकी जान चली जाती। अस्पताल में संसाधन नहीं थे, इसके बावजूद डॉक्टर विवेक पंत और डॉक्टर अमित ने बिना किसी देरी के कुशलतापूर्वक पेंसिल को बच्चे की सांस नली से बाहर निकाल दिया। डॉक्टर्स ने कहा कि अगर 5 मिनट की भी देरी हो जाती तो कुछ भी हो सकता था। अमन अब ठीक है, उसके माता-पिता कहते हैं कि डॉक्टरों की वजह से ही उनके बेटे को दूसरी जिंदगी मिली है। बच्चे के माता-पिता ने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया। ग्रामीण भी इन दोनों डॉक्टरों की खूब तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने पहाड़ के इन डॉक्टरों को सम्मानित करने की भी मांग की।