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देहरादून: विजय दिवस के मौके पर पूरा देश कारगिल युद्ध में शहीद हुए सपूतों को याद कर रहा है। इन्हीं वीर सपूतों में से एक थे देहरादून के जवान नायक कृष्ण बहादुर थापा, जिन्होंने ऑपरेशन विजय के दौरान अपनी जान गंवा दी थी। कृष्ण बहादुर थापा आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका बेटा मयंक आज भी पिता की दिखाई राह पर चल रहा है। मयंक भारतीय सेना का हिस्सा है, देशप्रेम की शिक्षा मयंक को पिता से विरासत में मिली। जब बड़े हुए तो उन्होंने तय कर लिया था कि पिता की तरह देश की सेवा करेंगे। मयंक थापा देहरादून के सेलाकुई के रहने वाले हैं। साल 2012 में मयंक बीबीए कर रहे थे, वो चाहते तो अच्छी जॉब कर सकते थे। एक सुरक्षित भविष्य बना सकते थे, पर पिता के शौर्य की कहानियां उन्हें सेना में खींच लाईं। बीबीए के दौरान जब सेना में भर्ती खुली तो मयंक ने भी उसमें हिस्सा लिया और पहले ही प्रयास में सफल हो गए। अब मयंक सेना का हिस्सा हैं।