देहरादून में एक पिता ने ही खत्म किया पूरा परिवार, तीन बच्चों के साथ-साथ मां की भी मौत

डोईवाला में तीन मासूमों की मौत के बाद उनकी मां रीना भी चल बसी। रविवार को अस्पताल में भर्ती रीना की मौत हो गई...
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उत्तराखंड न्यूज: DEHRADUN DOIWALA FATHER KILLED HIS FAMILY
Image: DEHRADUN DOIWALA FATHER KILLED HIS FAMILY

देहरादून: डोईवाला में पिता की बेहरमी का शिकार हुए तीन मासूमों की मौत के बाद अस्पताल में तड़पती मां ने भी दम तोड़ दिया। रीना अब इस दुनिया में नहीं रही। मासूम विनय, मुस्कान और भूमिका की मौत के बाद, रीना ने भी संसार को अलविदा कह दिया। राम सिंह उर्फ मान सिंह की हैवानियत का शिकार हुए इस परिवार में अब सिर्फ राम सिंह ही जिंदा बचा है। उसकी बची हुई जिंदगी ही उसके लिए सबसे बड़ी सजा होगी, क्योंकि उसका हंसता-खेलता परिवार तो पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुका है। 30 जुलाई को राम सिंह ने पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने की कोशिश की और दुर्भाग्य से वो कामयाब भी रहा। लाठी से वार कर के उसने विनय और मुस्कान की जान ले ली। बेटी भूमिका और पत्नी रीना जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थीं। दोनों को इलाज के लिए हिमालयन जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार दो अगस्त को भूमिका ने भी दम तोड़ दिया।

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तीनों मासूमों दुनिया छोड़कर चले गए तो मां रीना के लिए भी दुनिया बेकार हो गई। रविवार सुबह रीना भी अपने मासूमों संग चली गई। गांव में मातम पसरा है। विनय, मुस्कान और भूमिका की मौत से गांववाले पहले ही गमगीन थे। अब रीना भी चल बसी। आपको बता दें कि नागल ज्वालापुर ग्रामसभा में 30 जुलाई को राम सिंह नाम के आदमी ने अपने तीनों मासूम बच्चों और पत्नी पर लाठी से वार कर उनकी जान लेने की कोशिश की थी। बाद में राम सिंह ने खुदकुशी का प्रयास किया। विनय और मुस्कान की पहले ही मौत हो गई थी। जबकि शुक्रवार को भूमिका ने भी दम तोड़ दिया। पत्नी रीना की भी रविवार को मौत हो गई। डिप्रेशन के शिकार राम सिंह ने अपने पूरे परिवार को अपने हाथों से खत्म कर दिया। डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है, जिस पर आज भी हमारे समाज में कोई खुलकर बात नहीं करता। आमतौर पर एकदम सामान्य और खुश दिखने वाले लोग भी मन ही मन ना जाने कितनी उथल-पुथल से जूझ रहे होते हैं, पर केवल ये सोचकर कुछ कह नहीं पाते कि ना जाने लोग क्या सोचेंगे। कोई उन्हें पागल समझ लेगा। डोईवाला के दुधली में रहने वाला राम सिंह भी ऐसी ही स्थिति से गुजर रहा था। वो परेशान था, डिप्रेशन में था और गुस्से और भावनाओं का ये लावा कुछ इस कदर फूटा कि हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया।