ये हैं कोटद्वार की ‘गुड़िया’ के गुनहगार, बेटी की लाश के टुकड़े देखकर होश खो बैठा परिवार

कोटद्वार में बच्ची संग गैंगरेप के बाद उसकी हत्या करने वाले दोनों युवक बच्ची के परिचित थे, दोनों का उसके घर आना-जाना था...
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
उत्तराखंड न्यूज: kotdwar case police speaks about accused
Image: kotdwar case police speaks about accused

पौड़ी गढ़वाल: देवभूमि उत्तराखंड के कोटद्वार में 10 साल की मासूम के साथ जो हुआ उसने पूरे पहाड़ को शर्मिंदा कर दिया है। जो मासूम 5 अगस्त की शाम को हंसती-खेलती घर से निकली थी, वो दो दिन बाद पोटली में बंधी हुई घर पहुंची। मासूम बच्ची को बचपन से माता-पिता का प्यार नहीं मिला था। उसके माता-पिता अलग रहते हैं। बच्ची को उसकी दादी ने ही पाला। बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले कोई और नहीं उसके अपने परिचित युवक थे। दोनों युवक नेपाली मूल के हैं और अक्सर बच्ची के घर आते-जाते रहते थे। बच्ची के गायब होने के बाद भी वो पीड़ित परिवार के घर आते रहे, जिस वजह से परिजनों को उन पर शक नहीं हुआ। बच्ची दोनों को पहचानती थी, इसीलिए आरोपियों ने बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी, ताकि वो पकड़े ना जा सकें। दोनों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। कोटद्वार में हुई इस जघन्य वारदात ने हर किसी को सन्न कर दिया है। लोगों में गुस्सा है और वो आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना चाहते हैं।

यह भी पढें - कोटद्वार में 10 साल की ‘गुड़िया’ से हैवानियत के बाद उबाल , सड़कों पर उतरे गुस्साए लोग
पांच अगस्त को जब बच्ची गायब हुई तो पहले परिजनों को लगा कि उसकी मां उसे साथ ले गई होगी। पर जांच में पता चला कि बच्ची अपनी मां के साथ भी नहीं है। मंगलवार को पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो बच्ची 28 साल के पद्म पुत्र कालूराम के साथ जाती दिखी। बुधवार को पुलिस ने पद्म को गाड़ीघाट तिराहे के पास पकड़ लिया और उसे थाने ले आई। बाद में उसका साथी अशोक भी पकड़ा गया। दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को हैवानियत की जो दास्तान सुनाई, उसे सुन पुलिसवाले भी सन्न रह गए। पुलिस दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की कोशिश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वो इस मामले में कोर्ट से हर दिन सुनवाई करने का आग्रह करेंगे। विवेचना को 10 से 15 दिन में पूरा कर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। हमारी आपसे भी अपील है कि बेटियों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें। बच्चियों से दरिंदगी और शोषण के ज्यादातर मामलों में आरोपी अपने परिचित ही होते हैं। ऐसे में मासूम बच्चों से कौन मिल रहा है, क्या बातें कर रहा है, इस पर ध्यान दें। बच्चो को गुड टच-बैड टच के बारे में जरूर समझाएं। बच्चों के दोस्त बनें ताकि वो किसी भी तरह की गलत हरकत के बारे में परिजनों को बिना डरे बता सकें।