मूसलाधार बारिश से चारधाम यात्रा ठप, बदरीनाथ हाईवे पर 600 यात्री फंसे, केदारनाथ यात्रा भी रुकी

आसमान से बारिश की शक्ल मे बरस रही आफत से उत्तराखंड के लोग बेहाल हैं, गांवों में जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा...
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Chardham yatra: rain and weather update uttarakhand badrinath kedarnath rout
Image: rain and weather update uttarakhand badrinath kedarnath rout

: बारिश से पूरे देश में हालात खराब हैं। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। यहां बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। चारधाम यात्रा पर भी खराब मौसम का असर दिख रहा है। केदारनाथ, बदरीनाथ और यमुनोत्री यात्रा लगातार जारी बारिश की वजह से प्रभावित हो रही है। हाईवे पर जगह-जगह मलबा जमा है, जिस वजह से यात्रा रोक दी गई है। हालांकि गंगोत्री धाम का रास्ता अब भी खुला है, इसीलिए गंगोत्री धाम की यात्रा जारी है। सबसे पहले बात करते हैं बदरीनाथ हाईवे की, जहां लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में हालात बिगड़ रहे हैं। पूरे हाईवे पर जगह-जगह वाहनों की कतार लगी है। यात्री हाईवे पर फंसे हैं। शनिवार को शाम पांच बजे हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने की वजह से यात्रा रोक दी गई। लामबगड़ गदेरे का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। जैसे ही हाईवे बंद हुआ, सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लग गई। वो तो शुक्र है कि पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और लोगों के रहने का इंतजाम करने लगी। प्रशासन ने 600 यात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट और बदरीनाथ धाम में ठहराया है।

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पहाड़ में बदलते मौसम का कोई भरोसा नहीं। लामबगड़ में सुबह धूप थी, लेकिन दोपहर होते-होते बारिश शुरू हो गई। केदारनाथ जाने वाले गौरीकुंड हाईवे का भी यही हाल है। बांसवाड़ा भूस्खलन जोन लोगों के लिए आफत बना है। लगातार गिर रहे पत्थरों की वजह से यात्रा तीसरे दिन भी बाधित रही। ट्रैफिक को गंगानगर-बसुकेदार-गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर डायवर्ट किया गया है, पर हालात सुधर नहीं रहे। सड़कें बंद होने की वजह से केदारघाटी में जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा। गुप्तकाशी, गौरीकुंड और ऊखीमठ में दूध, सब्जी जैसी जरूरी चीजों की किल्लत हो गई है। यमुनोत्री हाईवे का हाल भी बुरा है। डबरकोट में फिर भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन की वजह से यात्रियो की एक टैक्सी रास्ते में फंस गई। टैक्सी में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं, जिस रास्ते पर टैक्सी फंसी है, वहां रोड के दोनों तरफ भूस्खलन हुआ है, प्रशासन मलबा हटा रहा है, ताकि यात्रियों को वहां से निकाला जा सके। इंद्रा-टिपरी, छैजुला-कोटधार, नैटवाड़-सेवा जैसे कई मोटर मार्ग बंद हैं। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री सड़कों पर फंसे हैं। ग्रामीण भी परेशान हैं। संपर्क मार्ग टूटने की वजह से वो एक से दूसरी जगह नहीं जा पा रहे। गांवों में रोजमर्रा की जरूरत का सामान नहीं पहुंच रहा।