पहाड़ का बाहुबली..कुत्ते को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ा युवक, मौत के मुंह से खींच लाया

रानीखेत में गुलदार से अपने पालतू कुत्ते को बचाने के लिए युवक गुलदार से भिड़ गया, फिर क्या हुआ यहां पढ़ें....
Advertisement जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स

प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails

Example Ads Media
उत्तराखंड न्यूज: story of uttarakhand bhikiyasain man saved dog from leopard
Image: story of uttarakhand bhikiyasain man saved dog from leopard

अल्मोड़ा: मानव सभ्यता की शुरुआत होने के साथ ही कुत्तों और इंसानों के बीच रिश्ता कायम हो गया था। तब से कुत्ते इंसानों के साथ हैं। उनकी वफादारी के किस्से भी आपने खूब सुने होंगे। कई मामलों में तो कुत्तों ने अपनी जान देकर मालिक की जान बचाई है, पर रानीखेत के ताड़ीखेत में कुत्ते नहीं एक इंसान की वफादारी के चर्चे हो रहे हैं, जहां पालतू कुत्ते को गुलदार से बचाने के लिए युवक ने अपनी जान का बाजी लगा दी। कुत्ते को बचाने के लिए वो गुलदार से भिड़ गया। हमले में युवक बुरी तरह घायल हुआ है। घटना जमोली (भिकियासैंण) की है, जहां लोग गुलदार के आतंक से त्रस्त हैं। गुलदार घरों में घुस कर पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। रविवार को भी ऐसा ही हुआ। गांव में रहने वाला युवक ललित अधिकारी अपने परिजनों के साथ भतीजे के जन्मदिन की तैयारियों में जुटा था। आगे पढ़िए

यह भी पढें - चमोली जिले में बाढ़ का डरावना वीडियो, 10 सेकंड के अंदर सैलाब में बहा मकान..देखिए
परिवार वाले बेहद खुश थे, पार्टी की तैयारी हो रही थी कि तभी गुलदार दबे पांव घर के आंगन में घुस आया और वहां बंधे पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। पालतू कुत्ते को गुलदार के जबड़े में फंसा देख ललित ने आव देखा ना ताव, वो सीधे गुलदार से भिड़ गया। गुलदार ने ललित के गाल और गले में पंजे मारे, पर ललित ने हिम्मत नहीं हारी। ललित का शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद गुलदार वहां से भाग गया। बाद में परिजन युवक को इलाज के लिए सीएचसी विनायक ले गए। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इलाके में गुलदार आतंक का सबब बना हुआ है। अब तक कई मवेशियों को गुलदार अपना निवाला बना चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की। देखना है आगे क्या होता है।