राजपाल राणा ने कुछ ही दिन पहले अपने नए घर में गृहप्रवेश किया था, यहीं बच्चे का जन्मदिन भी मनाया, पर खुशियां अचानक रूठ गईं...देखिए वीडियो
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कोमल नेगी
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Image: uttarkashi helicopter crash rajpal rana
उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में हुए हेलीकॉप्टर क्रैश हादसे के बाद तीन घरों में मातम पसरा है। जो लोग उत्तराखंड के आपदा प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने में लगे थे, उन्हें खाना और जरूरत का सामान मुहैया करा रहे थे, वही एक अप्रत्याशित हादसे का शिकार हो गए। हादसे की वजह भी ऐसी है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। सेबों को सड़क तक पहुंचाने के लिए लगी ट्रॉली के तारों में हेलीकॉप्टर उलझ गया और देखते ही देखते उसमें धमाका हो गया। हादसे में खरसाली गांव के रहने वाले 32 साल के राजपाल राणा की भी मौत हो गई। राजपाल राणा का खरसाली में होटल है। वो यहां हेलीपैड पर एविएशन कंपनी की हेली सेवाओं का संचालन करते थे। जैसे ही उत्तरकाशी में आपदा आई, एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में लग गए। सेवा के इस मौके को राजपाल अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। वो भी सहयोग करने के लिए आराकोट पहुंच गए थे।
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राजपाल की मौत की खबर भी ऐसे वक्त पर मिली, जबकि परिवार वाले पहले से ही गम में डूबे थे। वो राजपाल के चाचा अनय सिंह राणा की बरसी कर रहे थे। एक साल पहले अनय सिंह राणा की मौत हो गई थी। बुधवार को उनकी बरसी थी। गांव में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, कि तभी राजपाल की मौत की मनहूस खबर आ गई। गांव में मातम पसर गया। परिजन बिलखने लगे। राजपाल ने कुछ ही दिन पहले दून में अपना नया मकान बनाया था। इसी नए घर में उन्होंने अपने बच्चे का जन्मदिन भी मनाया, पर बच्चे को बड़ा होते देखने के लिए अब वो जिंदा नहीं हैं। आपको बता दें कि बुधवार को मोल्डी गांव के पास एक हेलीकॉप्टर तार से टकराकर क्रैश हो गया था। ये हेलीकॉप्टर आराकोट के गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहा था। हादसे में पायलट कैप्टन रंजीव लाल, इंजीनियर शैलेश कुमार सिंह और स्थानीय युवक राजपाल राणा की मौत हो गई। जिस वक्त ये हादसा हुआ, उस वक्त हेलीकॉप्टर राहत सामग्री पहुंचाकर वापस लौट रहा था। मृतकों के शवों को जल्द ही उनके घर पहुंचाया जाएगा।