दिव्यांग बुजुर्ग डीएम से रोजगार मांगने आया था, डीएम स्वाति भदौरिया ने ना सिर्फ उसकी आर्थिक मदद की, बल्कि उसके लिए रोजगार का इंतजाम भी कर दिया...
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कोमल नेगी
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Image: Chamoli dm helped a poor man
चमोली: बदलते वक्त में इंसानी संवेदनाएं कहीं खो सी गई हैं। हम दूसरे के दर्द का अहसास करना भूलते जा रहे हैं, पर इस बदलती दुनिया में अब भी कुछ लोग ऐसे हैं, जिनमें इंसानियत जिंदा है, जो दूसरे के दुख को, उनकी तकलीफों को ना सिर्फ समझते हैं, बल्कि उन्हें दूर करने की पूरी कोशिश भी करते हैं। इन्हीं लोगों में से एक हैं चमोली की डीएम स्वाति एस भदौरिया। जिले के लिए इन्होंने जो उल्लेखनीय काम किए हैं, उनके बारे में हम सभी जानते हैं। हाल ही में जनता दरबार में उन्होंने कुछ ऐसा किया, कि आज हर जगह उनकी तारीफ हो रही है। घटना सोमवार की है, चमोली के जिला सभागार में जनता दरबार लगा हुआ था। गांव वाले अपनी तकलीफें बता रहे थे। इसी बीच निजमुला घाटी का एक बुजुर्ग डीएम के पास आया और उन्हें अपनी तकलीफें बताईं। ब्यारा गांव का रहने वाला 57 वर्षीय बुजुर्ग वीर सिंह हाथ से दिव्यांग है। बेहद मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहा है। उसने बताया कि वो काम करना चाहता है, पर विकलांगता की वजह से उसे काम नहीं मिलता।
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बुजुर्ग की ये तकलीफ डीएम स्वाति भदौरिया से देखी नहीं गई। उन्होंने तुरंत बुजुर्ग को 4 हजार रुपये की सहायता राशि दी, ताकि उसकी मदद हो सके। यही नहीं डीएम ने इस बुजुर्ग को रोजगार से जोड़ने का भी इंतजाम कर दिया। डीएम ने पशुपालन विभाग से कहा कि वो दिव्यांग और उसके परिवार को गंगा गाय योजना के तहत दूध देने वाली अच्छी नस्ल की गाय उपलब्ध कराए। श्रम विभाग के अधिकारियों से भी बुजुर्ग को रोजगार जुटाने के लिए टूल किट देने को कहा। निजमुला घाटी का ये बुजुर्ग डीएम से काम मांगने आया था। डीएम स्वाति भदौरिया ने उसकी आर्थिक सहायता करने के साथ ही अधिकारियों को बुजुर्ग के सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए, ताकि बुजुर्ग के परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर सके। सोमवार को लगे जनता दरबार में अलग-अलग गांवों के लोग अपनी फरियाद लेकर आए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, शिक्षा, पेयजल, बिजली, आवास और पैदल मार्गों को दुरुस्त करने संबंधी कुल 17 शिकायतें डीएम के सामने रखीं। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।