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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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नैनीताल: उत्तराखंड में इंसानों और वन्य जीवों के बीच झड़प के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पहाड़ों में बाघ नरभक्षी हो रहे हैं, हाथियों और भालू के हमले में लोगों की जान जा रही है। ऐसी ही एक घटना नैनीताल में हुई है, जहां भालू के हमले में एक आदमी की मौत हो गई। घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं। घरों में कैद होकर रह गए हैं। बच्चे भी बाहर खेलने से डरने लगे हैं। उन्हें स्कूल जाने से डर लगता है। नैनीताल के रामगढ़ के हली गांव में रहने वाला प्रभु दत्त खेतों में मवेशियों को चरा रहा था। ये उसकी रोज की दिनचर्या का हिस्सा था, पर देर शाम कुछ ऐसा हो गया जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। एक भालू ने अचानक प्रभु दत्त पर हमला कर दिया। ये सब इतनी तेजी से हुआ कि प्रभुदत्त को अपना बचाव करने का मौका भी नहीं मिला। भालू ने उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। प्रभुदत्त की चीख-पुकार सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे, जिन्हें देख भालू जंगल की तरफ भाग गया। लोग घायल प्रभुदत्त को किसी तरह अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन गंभीर रूप से घायल प्रभुदत्त की रास्ते में ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं। वन विभाग को भी इस बारे में पता है, पर विभाग वाले मामले में संज्ञान नहीं ले रहे। भालू के डर से लोग अपने मवेशियों को जंगल की तरफ भी नहीं ले जा रहे। उन्हें खेतों में काम करने से डर लगने लगा है। डरे हुए बच्चे भी घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।