शुभाशी रावत की जिंदगी खतरे में है, पिता इस दुनिया में नहीं हैं..दुआ दीजिए, मदद कीजिए

हमारी उत्तराखंडवासियों से अपील है कि शुभाशी के लिए दुआ करें। ज्यादा से ज्यादा संख्या में शुभाशी के परिवार की मदद करें...इस बेटी की जिंदगी बचाने के लिए शेयर जरूर करें
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Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

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उत्तराखंड न्यूज: help shubhashi rawat of uttarakhand
Image: help shubhashi rawat of uttarakhand

उत्तरकाशी: ये तस्वीर पहाड़ की एक बेटी की है, जो कि इस वक्त जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। इस बिटिया का नाम है शुभाशी रावत, जो कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के कुपड़ा गांव की रहने वाली है। किस्मत का क्रूर मजाक देखिए कि शुभाशी के पिता इस दुनिया में नहीं हैं, घर में बैठी मां मानसिक रोगी हैं और छोटा भाई शारीरीक रूप से विकलांग है। जिस घर में बदकिसमती और गरीबी का ये आलम हो, आप समझ सकते हैं कि एक वक्त की रोटी जुटाने के लिए उस घर के परिजनों को क्या क्या करना पड़ता होगा। यूं समझ लीजिए कि घर की सारी उम्मीदें शुभाशी पर ही टिकी थीं। अगर शुभाशी पढ़ लिख लेती, तो भविष्य में कुछ अच्छा भी कर पाती। पढ़ाई में शुभाशी अच्छी रही, तो इस वजह से उसने कस्तूरबा गांधी स्कूल गंगनानी में पढाई करने की सोची। वहां पर शुभाशी गर्ल हॉस्टल में रह रही थी और एक दिन किस्मत का एक और प्रहार उसकी जिंदगी पर हो गया। हॉस्टल में रह रही शुभाशी बीमार पड़ गई थी। आज हालत ये है कि शुभाशी उस दिमागी बुखार के चलते अपनी याददाश्त खो चुकी है। बताया जा रहा है कि 7 दिन बाद स्कूल प्रबंधन ने परिजनों को इस बारे में बताया। सवाल कस्तूरबा गांधी स्कूल के प्रबंधन से भी है कि आखिर इतनी देर तक उन्होंने ये बात क्यों छुपाए रखी? आपको जानकर हैरानी होगी कि इस वक्त शुभाशी का बुखार इतना बढ़ गया है कि वो अपनी याददाश्त तक भूल चुकी है। क्या स्कूल प्रबंधन को वास्तव में शुभाशी की तबीयत का अंदाजा नहीं था? अब हाल देखिए...शुभाशी को इलाज के लिए देहरादून लाया गया, तो उसके भाई लोग सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन बैड तक नहीं मिला। यहां तक कि उत्तराखंड के सबसे बड़े अस्पताल कहे जाने वाले एम्स में भी शुभाशी को बैड नहीं मिला। थक हार कर शुभाशी के भाई लोग उसे देहरादून के प्रसाद हॉस्पिटल में लाए। इस वक्त शुभाशी की हालत बेहद ही गंभीर बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर भी 24 घंटे के बाद सुभांशी की तबीयत के बारे में कुछ बता सकेंगे। हमारी उत्तराखंड के हर नागरिक से अपील है कि इस गरीब परिवार की आगे बढ़कर मदद करें। अगर आप भी शुभाशी की आर्थिक रूप से मदद करना चाहते हैं तो उनके भाई संदीप के नंबर 7895493773 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक डिटेल्स हम आपको दे रहे हैं।
PNB ACCOUNT NUMBER- 6408000100032266
ACC HOLDER- SANDEEP RANA
BRANCH- BARKOTE
IFSC- PUNB 0640800