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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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हरिद्वार: मां-बाप बड़े लाड प्यार से और कई उम्मीदों से अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, लेकिन अगर इस लाड प्यार और उम्मीदों पर किसी की नज़र लग गई तो क्या कहेंगे आप? जिन स्कूल बसों में आप अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, उन बसों की जिम्मेदारी किसके हाथ में दी गई है ? क्या कभी आपने इस बात की पड़ताल करने की कोशिश की ? उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही स्कूल वाहन दुर्घटनाओं से भी स्कूल प्रबंधन शायद सबक नहीं ले रहे। ताजा मामला ऋषिकेश का है, जहां 36 बच्चों को घर छोड़ने जा रही स्कूल बस ने बीच सड़क पर चलते चलते वाहनों को टक्कर मारी और फिर एक दुकान की छत भी उड़ा दी। बस के अंदर बैठे बच्चों की तो मानों जान पर बन आई। बताया जा रहा है कि ये बस डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की है। आरोप है कि बस रास्ते में करीब 10 बार इधर से उधर टकराते हुई गंतव्य तक पहुंची। शुक्र इस बात का है कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। फिलहाल इस गंभीर मसले पर स्कूल प्रबंधन खामोश है। अमर उजाला की खबर के मुताबिक ये घटना दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच की है। आगे पढ़िए