शराब कांड में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, जहरीली शराब से लोग मर रहे थे, पर पुलिस इन्हें डेंगू से मौत का मामला बताकर पल्ला झाड़ रही थी...
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कोमल नेगी
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Image: Six people died due to poisonous liquor
देहरादून: पंचायत चुनाव से ठीक पहले देहरादून में हुए शराब कांड से प्रदेश में हड़कंप मचा है। जहरीली शराब ने एक के बाद एक 6 जिंदगियां लील लीं। तीन लोग अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इन लोगों को इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। नेशविला रोड के पथरिया पीर इलाके में जहरीली शराब की वजह से हुई मौत के बाद कोतवाल, चौकी इंचार्ज और दो आबकारी निरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। पर सच तो ये है कि इन लोगों के सस्पेंड होने से मरे हुए लोगों की जिंदगियां वापस नहीं लौटेंगी। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, मामले की तहें खुलने लगी हैं। पता चला है कि पुलिस और जनप्रतिनिधियों को मामले के बारे में गुरुवार को ही पता चल गया था, पर सब चुप थे। जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला गुरुवार को ही शुरू हो गया था, पर बवाल मचा शुक्रवार को, जब पथरिया पीर में दो और लोगों की मौत हो गई। ये घटना उस जगह की है, जो कि सचिवालय, पुलिस थाना, राजभवन और डीएम आवास के करीब है। पर 30 घंटे तक प्रशासन खामोश रहा, मामले को दबाने में जुटा रहा। पुलिसवाले तो इन मौतों को डेंगू का प्रकोप बता कर पल्ला झाड़ रहे थे, पर शुक्रवार दोपहर पीड़ित परिवार विधायक गणेश जोशी के घर के बाहर हंगामा करने लगे। तब पता चला कि गुरुवार से लेकर शुक्रवार शाम तक छह लोग की जहरीली शराब के सेवन से मौत हो चुकी है।
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मरने वालों में से तीन लोगों को गुरुवार को ही अंतिम संस्कार चुका था। गुरुवार को पहले 45 साल के राजेंद्र की मौत हुई। थोड़ी देर बाद 35 साल के लल्ला की भी दून अस्पताल में मौत हो गई। शाम होते-होते 58 साल का सरन भी चल बसा। स्थानीय लोग इनका अंतिम संस्कार कर लौटे ही थे कि पता चला कि 23 साल के आकाश, 40 वर्षीय सुरेंद्र और 50 वर्षीय इंदर की भी मौत हो गई है। लोगों ने बताया कि इन लोगों ने इलाके के एक घर से शराब खरीद कर पी थी। मरने वालों में एक ही तरह के लक्षण दिखे थे। पथरिया पीर शराब कांड के बाद शहर कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी, धारा चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह और दो आबकारी निरीक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। 6 मौतों के बाद हरकत में आई पुलिस ने शुक्रवार को शराब ठेकों में छापे भी मारे। रात 8 बजे शहर के सभी ठेके बंद करा दिए गए। लोगों के गुस्से को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।