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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उधमसिंह नगर: इंसान चांद पर पहुंच गया है, विज्ञान तरक्की कर रहा है, पर आज भी औलाद ना होने की सजा सिर्फ महिलाओं को भुगतनी पड़ती है। बांझपन के लिए सिर्फ उन्हें दोषी ठहराया जाता है और कई बार तो इसकी इतनी कठोर सजा दी जाती है, कि महिला की जान ही चली जाती है। काशीपुर की रहने वाली मीनाक्षी के साथ भी ऐसा ही हुआ था। शादी के 7 साल बाद तक जब मीनाक्षी को औलाद नहीं हुई तो पति ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो पति ने मीनाक्षी पर तेजाब फेंक दिया। कई दिन तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद मीनाक्षी की मौत हो गई। इस मामले में काशीपुर प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आगे जानिए ये कब की घटना है और घटना वाले दिन क्या हुआ था।