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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: देहरादून के राजधानी बनने के साथ ही भूमाफिया का खेल भी शुरू हो गया था, शहर कंक्रीट के जंगल मे तब्दील होता जा रहा है, तो वहीं प्रॉपर्टी डीलर्स की मनमानी से उपभोक्ता परेशान हैं। अब ये नहीं चलेगा। जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी डीलरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। दून में अब रजिस्ट्री के दौरान भूमि विक्रेता से शपथ पत्र हासिल करने की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का नया नियम क्या है, ये भी जान लें। अब रजिस्ट्री के वक्त प्रॉपर्टी डीलर को शपथ पत्र जमा कराना होगा। शपथ पत्र में ये लिखा होगा कि जिस जमीन या जिस हिस्से को भू विक्रेता बेच रहा है, वो 500 वर्गमीटर से कम है।बता दें कि हाल ही में एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड की थी। रेरा ने भी एक मामले में डीएम को लेटर लिखकर अवैध प्लॉटिंग और बिना रेरा रजिस्ट्रेशन के जमीन बेचने पर आपत्ति जताई थी। मामले की गंभीरता देखते हुए प्रशासन ने रजिस्ट्री के लिए शपथ पत्र की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं रेरा में पेंडिंग केसेज के मामले में भी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के आदेश जारी हुए हैं। सब-रजिस्ट्रार दफ्तर ने हर्रावाला और मियांवाला की सीमा पर करीब 13.5 बीघा जमीन की अवैध प्लाटिंग मामले में भी एक्शन लिया है।