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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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उत्तरकाशी: दिवाली के त्यौहार पर धन की प्राप्ति और समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है। इसी तरह ज्ञान, विवेक के लिए मां सरस्वती की उपासना और अपने शत्रुओं पर विजय पाने के लिए मां काली को प्रसन्न किया जाता है। लेकिन जब यही देवियां बेटी के रूप में लोगों के घर आना चाहती हैं तब उन्हें कोख में ही मौत के घाट उतार दिया जाता है। गरीब परिवार में आज भी जब बेटी पैदा होती है तो परिवार वाले गम में डूब जाते हैं...हालांकि इस गम को लोग खुलकर जाहिर नहीं करते, लेकिन पहाड़ के एक जिलाधिकारी इसे ना केवल अच्छी तरह समझते हैं, बल्कि इस सोच को बदलने के लिए शानदार काम कर रहे हैं। उत्तरकाशी के डीएम आशीष चौहान सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की कोशिशों में लगे हैं और लोगों से बेटियों को बेहतर भविष्य देने की अपील कर रहे हैं। DM आशीष चौहान की पहल पर जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" अभियान को आगे बढ़ाते हुए एक खूबसूरत विडियो बनाया है। विडियो में एक बेटी के दर्द को बखूबी बयान किया गया है। आप भी ये खूबसूरत विडियो देखिये और शेयर कीजिये..