हैरान होंगे आप! जर्मनी का ये शख्स उत्तराखंड आकर उत्तराखंड बचाने में जुटा है

अक्सर कुछ कहानियां दिल को झकझोर देती हैं...वो कहानियां आपके अपने वजूद से सवाल पूछती हैं कि आप कहां हैं?
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उत्तराखंड न्यूज: germeny thomes doing good work in uttarakhand
Image: germeny thomes doing good work in uttarakhand

उत्तरकाशी: उत्तराखंड बचाना है...सुना हर किसी के मुंह से है...लेकिन जमीन पर बहुत कम लोग इस मुग़ालते को असल फसाने में बदलने की कुव्वत रखते है। ये कहानी और ये तस्वीर भी कुछ ऐसी है। क्या आपने कभी सुना है कि उत्तराखंड से कोई शख्स जर्मनी गया और जर्मनी को बचाने की मुहिम में जुट गया ? नहीं ना ? तो चलिए आज आपको एक अलहदा कहानी से रु-ब-रू करवाते हैं। कहानी बहुत साधारण सी है...जर्मनी से एक आदमी उत्तराखंड आया और यहां की खूबसूरती का कायल हो गया। वो पहाड़ों में गया और वहां कूड़े के ढेर देखकर उसका दिल बैठ गया। ये कोई छोटा-मोटा शख्स नहीं बल्कि 16 देशों को पर्यावरण बचाने का संदेश देने वाले थॉमस हैं। थॉमस का काम आजकल क्या है ? वो गधेरों में जा रहे हैं और वहां बिखरे कूड़े को उठा रहे हैं। है न पागलपन वाला काम ? उत्तराखंड संस्कृतिक विविधता, सौंदर्य, वन्यजीवन और बर्फ से आच्छादित पहाड़ो से भरपूर है। इसकी खूबसूरती का आनंद उठाने विदेशी पर्यटक भी यहाँ खूब आते हैं। इसी खूबसूरती को निहारने जर्मन निवासी थॉमस हेनरिच बीते दिनों उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले पहुँचे। जहाँ गदेरों, नाली और सड़क किनारे पड़े कूड़े को देख उन्हें दुःख हुआ। वो खुद ही आराकोट, त्यूडी, मोरी,पुरोला आदि गाँवों में पहुंचे और स्वच्छता अभियान शुरू किया। उनको उम्मीद है कि उनकी कोशिश से लोग गंभीरता से लेंगे। बस इतनी सी कोशिश है थॉमस की। जिंदादिल थॉमस को राज्य समीक्षा की टीम का सलाम । यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: मां पूर्णागिरि दर्शन को आया दिल्ली का युवक नदी में डूबा, भंवर में फंसकर मौत