उत्तराखंड के इस स्कूल के मुरीद हुए गुलजार साहब, कहा-यहां मुझे भी दाखिला दे दो

छात्रों से रूबरू होते हुए मशहूर गीतकार गुलजार बोले कि‘जो डांट स्कूल में पड़ती है, वो भविष्य में सफलता के दरवाजे खोलती है’।
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welham boys school: Gulzar live performance in welham boys school
Image: Gulzar live performance in welham boys school

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, ये जगह शांत आबोहवा के साथ-साथ अपने स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भी जानी जाती है। देश-विदेश की मशहूर हस्तियां अपने बच्चों को देहरादून पढ़ने के लिए भेजती हैं। हाल ही में देहरादून पहुंचे मशहूर साहित्यकार और गीतकार गुलजार भी दून के स्कूलों की तारीफ करते दिखे। गीतकार गुलजार वेल्हम ब्वॉयज स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेने आए थे। स्कूल के बच्चों को देख गुलजार साहब को अपना बचपन याद आ गया। उन्होंने तुरंत कहा कि वो इस स्कूल का हिस्सा बनाना चाहते हैं। गुलजार साहब ने वेल्हम स्कूल में ना पढ़ पाने का मलाल भी जताया। गीतकार गुलजार ने स्कूल की व्यवस्था को सराहा। यही नहीं उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल से कहा कि ‘मुझे भी स्कूल में दाखिला दे दो, मैं भी इन बच्चों की तरह जिंदगी जीना चाहता हूं’।

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उनकी बातें सुन चेयरमैन और प्रिंसिपल मुस्कुरा उठे और दोनों ने हाथ जोड़कर गीतकार गुलजार का स्वागत किया। गीतकार गुलजार ने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी गजलें और कविताएं सुनाकर छात्रो को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्रों ने भी रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर पेंटिंग प्रदर्शनी का भी आयोजन हुआ। गीतकार गुलजार ने छात्रों से अपने बचपन के अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्रो को स्थापना दिवस की बधाई दी। छात्रों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता का श्रेय उनके शिक्षकों को जाता है। जो डांट स्कूल में पड़ती है, वो आगे सफलता के दरवाजे खोलती है। कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षक, छात्र, 1994 बैच के पूर्व छात्र और सैकड़ों अभिभावक मौजूद थे।