भारत सरकार ने अल्मोड़ा को शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन के लिए चुना है...
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कोमल
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Almora selected for digitization
अल्मोड़ा: जागेश्वर धाम और कौसानी जैसी खूबसूरत जगहों के लिए मशहूर अल्मोड़ा जिला हर दिन आगे बढ़ रहा है, नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। आपको याद होगा कुछ दिन पहले इसी जिले के चौखुटिया थाने को राज्य का सर्वश्रेष्ठ थाना चुना गया था, अब अल्मोड़ा ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। अल्मोड़ा प्रदेश का पहला डिजिटल जिला बन गया है। भारत सरकार ने अल्मोड़ा को शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन के लिए चुना है। कुल मिलाकर कहें तो जिला प्रशासन की मेहनत रंग लाई है। डीएम नितिन भदौरिया और उनकी टीम को शुभकामनाएं...इस उपलब्धि के क्या मायने हैं, ये भी जान लें। शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन का मतलब है कि अब जिले में मिलने वाली सारी सेवाएं डिजिटल हो जाएंगी। यानि बिजली का बिल, पानी का बिल, टेलीफोन, नगर पालिका, गैस और चिकित्सा विभाग के बिलों का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। देश को कैशलेस बनाने की दिशा में ये एक अहम कदम है। जिले में हर लेन-देन डिजिटल माध्यम से होगा।
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इस संबंध में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि जिले में अब हर बिल का भुगतान डिजिटल तरीके से होगा, जिसके लिए विभागों को पीओएस मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के पहले चरण के लिए विभागों से उनकी जरूरत के अनुसार प्रस्ताव मांगे गए हैं। विभागीय अधिकारियों को हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हर उपभोक्ता का बैंक में खाता होना भी जरूरी है। डीएम ने बैंक अधिकारियों से हर उपभोक्ता के बैंक खाते की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। योजना के अंतर्गत आने वाले निजी स्कूल-कॉलेजों में भी डिजिटल तरीके से लेन-देन होगा। सभी लोगों का अपना बैंक खाता हो, इसके लिए जिले में डिजिटल जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।