चमोली जिले के मलारी गांव की बेटी को बधाई, नेशनल बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए चयन

गांव की बेटी साक्षी राणा राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करती दिखेंगी..पढ़िए ये अच्छी खबर
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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badminton competition: Sakshi rana will show their talent on national level competition
Image: Sakshi rana will show their talent on national level competition

चमोली: चमोली जिले की बेटी साक्षी राणा को बधाई। होनहार साक्षी राणा का चयन राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए हुआ है। साक्षी को भविष्य की सायना नेहवाल कहा जाए तो गलत नहीं होगा। पहाड़ के छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली साक्षी के सपने बड़े हैं, इन सपनों को पूरा करने का जज्बा भी...। जल्द ही साक्षी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करती दिखेंगी। चलिए अब आपको साक्षी राणा के बारे में थोड़ा डिटेल में बताते हैं। भारत-चीन सीमा से लगा एक गांव है मलारी। इस गांव में भोटिया जनजाति के लोग रहते हैं। अपनी साक्षी इसी गांव की रहने वाली है। 17 साल की साक्षी इस वक्त राजकीय इंटर कॉलेज नंदप्रयाग में पढ़ रही हैं, वो 11वीं की छात्रा है। साक्षी की सफलता कई मायनों में बेहद खास है। बैडमिंटन का शौक तो बहुतों को होता है, पर इसमें नेशनल खेल पाने का मौका कम लोगों को ही मिलता है। प्रैक्टिस में खर्चा भी करना पड़ता है। आगे पढ़िए साक्षी का सफर

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साक्षी मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं, ऐसे में प्रैक्टिस का खर्चा वहन कर पाना परिवार के बूते से बाहर था। साक्षी का परिवार भी चाहता तो अपनी मजबूरियां बताकर बेटी के बढ़ते कदमों को पीछे खींच सकता था, पर परिवार ने बिटिया को खूब सपोर्ट किया। इसी सपोर्ट की बदौलत साक्षी अब नेशनल खेलने जा रही है। साक्षी बताती हैं कि उनके पिता को बैडमिंटन का शौक है। पिता ने ही उन्हें बैडमिंटन खेलने की सलाह दी। स्कूल में व्यायाम शिक्षक ने उन्हें बैडमिंटन की बारीकियां सिखाईं। बाद में साक्षी नंदप्रयाग पहुंची तो वहां कोच आलोक सिंह नेगी ने उनके हुनर को तराशने में मदद की। साक्षी होनहार हैं, इसीलिए संस्थाओं और अधिकारियों ने भी उनके लिए संसाधन जुटाए और इस तरह साक्षी नेशनल खेलने के लिए तैयार हो गईं। राज्य समीक्षा टीम की तरफ से साक्षी को शुभकामनाएं...तुम यूं ही आगे बढ़ती रहो साक्षी...