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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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देहरादून: लेक्चरर बनने का सपना देखने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब प्रदेश में अधिकतम 42 आयु वर्ग के युवा भी लेक्चरर बन सकेंगे। सरकार ने लोक सेवा आयोग के जरिए होने वाली लेक्चरर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी है। पहले आयु सीमा 35 साल थी, जिसे बढ़ाकर 42 साल कर दिया गया है। एक और राहत वाली खबर है। अब लेक्चरर की भर्ती के वक्त अभ्यर्थियों को इंटरव्यू प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। सरकार ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली प्रवक्ताओं की भर्ती में इंटरव्यू खत्म कर दिया है। मंगलवार को शासन ने उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग) संशोधित सेवा नियमावली जारी कर दी। नई नियमावली की खास बातें तो आपने जान ही लीं। इसके अलावा अब प्रदेश में वो अभ्यर्थी भी प्रवक्ता बनने के लिए मान्य होंगे, जिन्होंने देश किसी भी विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय के साथ स्नातक या शास्त्री की उपाधि ली हो।